लखनऊ: उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग भले की शराब, बियर और वाइन की बिक्री से हर माह 5200 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त करता है, लेकिन अब प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए प्रदेश के सभी स्कूल-कालेजों के 500 मीटर के दायरे को नशा मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. सरकार के इस फैसले से अब किसी भी स्कूल-कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में शराब और तंबाकू उत्पाद यानी सिगरेट, तंबाकू तथा पान पान मसाला आदि की बिक्री करने वाली दुकान नहीं होगी.
पुलिस और स्कूल-कालेज प्रशासन तथा नारकोटिक्स विभाग मिलकर इस फैसले का सख्ती से पालन कराएंगे. अब से हर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के गेट पर इससे जुड़ा नशा मुक्त क्षेत्र का बोर्ड भी लगाया जाएगा. बताया जा रहा है कि यूपी के तीन लाख से अधिक स्कूल- कॉलेजों के बाहर इस तरह का बोर्ड लगेगा. इसके अलावा शराब की दूकान भी 500 मीटर की सीएम में न खुले यह भी सुनिश्चित किया जाएगा.जो भी व्यक्ति स्कूल- कालेज के समीप सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बेचते हुए पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी दुकान जब्त की जाएगी.
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर हुआ फैसला
राज्य के माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव की ओर से सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को इस संबंध में विस्तृत निर्देश भेजे गए हैं. इसमें कहा गया है कि स्कूल-कॉलेजों के समीप तंबाकू उत्पादों की बिक्री को प्रतिबंधित करने और स्कूल कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को नशा मुक्त घोषित करने वाले स्कूलों के लिए एक नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल इसी सत्र में शुरू किया जाएगा. इसमें निजी, सरकारी तथा एडेड सभी विद्यालय शामिल होंगे. पोर्टल के माध्यम से स्कूलों की निगरानी की जाएगी. विद्यालय खुद नियमों के पालन से जुड़ी जानकारियां इसमें देंगे.
पोर्टल में नशा मुक्ति से जुड़ी सभी जानकारियां दी जाएंगी. महेंद्र देव के मुताबिक युवाओं में नशे की लत को कम करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की ओर से जो तीन साल की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. उसके अनुसार ही राज्य में यह कार्रवाई की जा रही है. अब युवा पीढ़ी को नशे की लत से दूर रखने के लिए जागरूकता और व्यवहार में बदलाव पर केंद्रित पीएम ई-विद्या चैनल के माध्यम से परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा. ऐसे आयोजनों में छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के मानसिक स्वास्थ्य, खुशहाली और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
डीआईओएस बनेंगे नोडल अधिकारी
स्कूल-कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे को नशा मुक्त घोषित करने के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को नोडल अधिकारी बनाया गया है. वही अब राज्य के हर जिले, ब्लाक और गांव में खुले सरकारी तथा प्राइवेट स्कूल-कालेज के 500 मीटर के दायरे को नशा मुक्त क्षेत्र घोषित करने की कार्यवाही करेंगे. इसके साथ ही डीआईओएस सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर कार्यक्रमों स्कूल-कालेज के नजदीक सिगरेट-बीड़ी और पान मसाला न बिके, यह सुनिश्चित करेंगे.
महेंद्र देव के अनुसार, राज्य में करीब तीन लाख स्कूल और कालेजों के बाहर तंबाकू उत्पाद की बिक्री न करने का बोर्ड लगेगा. देश में स्कूली छात्रों में बढ़ रही नशे की लत को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने इस फैसले को कड़ाई से लागू करने को कहा है, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सके. उनका यह भी कहा है कि ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे के अनुसार 13 से 15 साल के लगभग 8.5 फीसदी स्कूली छात्र किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं.
ये आंकड़े एक चेतावनी है. इसलिए अब सभी का यह दायित्व है कि स्कूल-कॉलेजों के नजदीक शराब, सिगरेट और तंबाकू उत्पाद की बिक्री न होने पाए. स्कूल कालेज के 500 मीटर के दायरे में सिगरेट तथा तंबाकू उत्पाद बेचने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह प्रतिबंध तंबाकू नियंत्रण कानून के तहत है.