नीट-यूजी, 2026 परीक्षा रद्द होने पर सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने जताया दुख, कहा- नीट की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
By एस पी सिन्हा | Updated: May 12, 2026 18:19 IST2026-05-12T18:18:42+5:302026-05-12T18:19:00+5:30
सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने सोशल मीडिया पर छात्रों के तनाव और मेहनत को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.

नीट-यूजी, 2026 परीक्षा रद्द होने पर सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने जताया दुख, कहा- नीट की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
पटना: नीट-यूजी, 2026 परीक्षा में पेपर लीक के तार बिहार से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है. हालांकि सीबीआई जांच के बाद अब इस मामले की सच्चाई सामने लाएगी. इस बीच परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ गई है. ऐसे में सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने सोशल मीडिया पर छात्रों के तनाव और मेहनत को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह खबर निश्चित रूप से निराश करने वाली है. आनंद कुमार की पोस्ट पर बड़ी संख्या में यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी है.
आनंद कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि नीट की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह खबर निश्चित रूप से निराश करने वाली है. फिर भी थोड़ी राहत की बात यह है कि सरकार ने परीक्षा रद्द करते हुए तुरंत ही दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है. ऐसी कठिन परिस्थिति में छात्रों और उनके माता-पिता को धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है. निराशा से बाहर निकलते हुए एक बार फिर नए जोश,आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी में जुट जाना चाहिए. मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती.
घबराने के बजाय विद्यार्थियों को यह विश्वास रखना चाहिए कि उनका परिश्रम अवश्य रंग लाएगा. हर चुनौती के बाद एक नया अवसर भी आता है और यही समय है खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखने का. साथ ही सरकार को भी इस मामले में दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर हमेशा बना रहे.’
उल्लेखनीय है कि नीट (यूजी) 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह फैसला केंद्रीय एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के आधार पर लिया. एजेंसियों ने 3 मई को हुई परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे. इस परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे. मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी है.