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12 सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान खरीदने के लिए सरकार से मिली मंजूरी, 10 हजार करोड़ का है सौदा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 22, 2023 14:44 IST

सुखोई-30 एमकेआई वायुसेना के पास सबसे आधुनिक युद्धक विमान हैं। भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों के लगभग 32 स्क्वाड्रन हैं। ये चीन तथा पाकिस्तान की दोहरी चुनौती को देखते हुए पर्याप्त नहीं है।

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ठळक मुद्दे 12 सुखोई 30 एमकेआई विमानों की खरीद को मंजूरी10,000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी भारतीय वायुसेना 84 सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड भी करने जा रही है

नई दिल्ली: एक अहम फैसले में भारतीय रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की स्क्वाड्रन ताकत में सुधार के लिए 12 सुखोई 30 एमकेआई विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इसके लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 10,000 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।  पिछले 20 वर्षों में दुर्घटनाओं में 12 Su-30MKI लड़ाकू विमान नष्ट हुए थे। नए विमान आ जाने से इस कमी की भरपाई होगी। 

एचएएल को दिसंबर के अंत तक निविदा का जवाब देने की उम्मीद है। केंद्र सरकार का ये फैसला भारतीय वायुसेना की घटती लड़ाकू ताकत के बीच आया है। भारतीय वायुसेना  84 सुखोई-30 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड भी करने जा रही है। 

बता दें कि सुखोई-30 एमकेआई वायुसेना के पास  सबसे आधुनिक युद्धक विमान हैं। भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमानों के लगभग 32 स्क्वाड्रन हैं। ये चीन तथा पाकिस्तान की दोहरी चुनौती को देखते हुए पर्याप्त नहीं है। 2025 तक मिग-21 लड़ाकू विमानों की उड़ानों पर पूरी तरह रोक लगाने की भी योजना है। इसे देखते हुए सरकार और वायुसेना अन्य योजनाओं पर भी काम कर रही हैं। 

वायुसेना ने पहले ही 83 एलसीए मार्क 1ए के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। अब 97 अतिरिक्त विमानों के साथ उस अनुबंध को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इससे वायुसेना में कुल 180 एलसीए मार्क 1ए हो जाएंगे। 2025 तक मिग-21 के स्कवाड्रन को  एलसीए मार्क 1ए से बदल दिया जाएगा।

इसके अलावा भारतीय वायु सेना (आईएएफ) अपने सुखोई विमानों के बेडे़ को स्वदेशी हथियार प्रणालियों और विरुपाक्ष नामक रडार से लैस करने जा रही है। उन्नत विमान के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक स्वदेशी विरुपाक्ष रडार होगा जो जेट की क्षमता को बढ़ाएगा। विरुपाक्ष रडार को विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी रूप से विकसित किया जा रहा है और यह दुनिया भर में उड़ाए जा रहे सभी सुखोई-30 वेरिएंट में से सबसे उन्नत होगा। 

टॅग्स :इंडियन एयर फोर्समोदी सरकारSukhoiतेजस लड़ाकू विमानराजनाथ सिंह
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