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बजट 2019ः पूरा समर्थन, अधूरा फायदा, जिस मध्यम वर्ग के दम पर बीजेपी ने जीत दर्ज की उसे ही कुछ खास नहीं मिला! 

By प्रदीप द्विवेदी | Updated: July 5, 2019 20:05 IST

बजट-2019: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बजट पर टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया- बजट में खेती-किसानी का खास जिक्र नहीं है, जो दर्शाता है कि केन्द्र सरकार की दिलचस्पी ग्रामीण विकास में नहीं है.

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ठळक मुद्देआम बजट-2019 पर गहलोत का कहना है कि इसमें न तो आर्थिक सुधार के लिए कोई ठोस योजना है और न ही कोई उपाय हैं.  लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए राजस्थान ने 25 में से 25 सीटें बीजेपी को दे दी थीं .

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट पेश किया, लेकिन राजस्थान को पूरे समर्थन के बावजूद अधूरे फायदे का अफसोस है, खासकर मध्यम वर्ग को इस बजट में कुछ खास नहीं मिला है. मध्यम वर्ग को तो पीएम नरेन्द्र मोदी के पहले कार्यकाल में भी कुछ विशेष लाभ नहीं मिला था और मध्यम वर्ग की नाराजगी के चलते एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सत्ता बीजेपी के हाथ से निकल भी गई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में हार के बाद आर्थिक आधार पर आरक्षण, आयकर सीमा में छूट जैसे फैसले लेकर बीजेपी एक बार फिर लोकसभा चुनाव में मध्यम वर्ग को साथ लेने में कामयाब रही और लगातार दूसरी बार नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने. 

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब क्योंकि मध्यम वर्ग के समर्थन की तत्काल कोई सियासी जरूरत नहीं है, इसलिए पीएम मोदी सरकार पुनः पुरानी नीति पर चल पड़ी है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बजट पर टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया- बजट में खेती-किसानी का खास जिक्र नहीं है, जो दर्शाता है कि केन्द्र सरकार की दिलचस्पी ग्रामीण विकास में नहीं है. उन्होंने लिखा- इसमें मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के लिए कोई राहत नहीं है. सीएम गहलोत का कहना है कि इसमें न तो आर्थिक सुधार के लिए कोई ठोस योजना है और न ही कोई उपाय हैं. 

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए राजस्थान ने 25 में से 25 सीटें बीजेपी को दे दी थीं और इसीलिए बजट से पहले प्रेस से कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा था कि- लोकसभा चुनाव में राजस्थान की जनता ने भाजपा को जो समर्थन दिया है, उसका केन्द्रीय बजट में कुछ फल जरूर मिलना चाहिए. पायलट का कहना था कि- जनकल्याण और प्रदेश की जनता की भलाई के लिये केन्द्र सरकार जो भी कदम उठायेगी, उसमें प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी, लेकिन देखना यह होगा कि केन्द्र सरकार के बजट में राजस्थान को क्या मिलता है. बहरहाल, केन्द्र सरकार का बजट तो राजस्थान को उत्साहित करने वाला नहीं है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार का बजट प्रदेश की जनता को खुश कर पाएगा?

टॅग्स :बजट 2019राजस्थाननिर्मला सीतारमणअशोक गहलोतसचिन पायलट
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