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बदलापुर यौन शोषण मामला: 'बच्चियों को भी नहीं बख्शा जा रहा, यह कैसी स्थिति..', बॉम्बे HC की पुलिस को फटकार

By आकाश चौरसिया | Updated: August 22, 2024 13:33 IST

Badlapur sexual assault case: कोर्ट ने कहा कि अब 4 साल की लड़कियों को भी नहीं बख्शा जा रहा। यह कैसी स्थिति है। यह बहुत चौंकाने वाली बात है। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस से कहा कि अगर आप किसी भी तरह मामले को दबाने की कोशिश करेंगे तो हम एक्शन लेने से नहीं हिचकिचाएंगे ​​​​​​।

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ठळक मुद्देबॉम्बे हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा कि मामला में दूसरी बच्ची के परिवार का बयान भी दर्ज नहींअगर कोर्ट स्वत: संज्ञान न लेता, तो आप आधी रात के बाद दर्ज भी ना करते बयानइसके साथ आज के माहौल को लेकर चिंता जताई और कहा- बच्चियों को नहीं बख्शा नहीं जा रहा

Badlapur sexual assault case: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र के ठाणे स्थित बदलापुर के एक स्कूल परिसर में दो नाबलिग लड़कियों से रेप पर कहा कि आज कैसे माहौल पैदा हो गया है, ऐसे में बच्चियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई से नाराज कोर्ट ने उन्हें जबरदस्त फटकार लगाया। कोर्ट ने मामले पर कहा कि अगर स्कूल ही सेफ नहीं है तो शिक्षा के अधिकार और बाकी चीजों की बात करने का क्या मतलब है।

कोर्ट ने कहा कि अब 4 साल की लड़कियों को भी नहीं बख्शा जा रहा। यह कैसी स्थिति है। यह बहुत चौंकाने वाली बात है। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस से कहा कि अगर आप किसी भी तरह मामले को दबाने की कोशिश करेंगे तो हम एक्शन लेने से नहीं हिचकिचाएंगे ​​​​​​।

जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस पृथ्वीराज चव्हाण की बेंच ने सरकार से केस डायरी और FIR की कॉपी भी मांगी है। एडवोकेट जनरल बीरेंद्र सराफ ने कोर्ट में सरकार का पक्ष रखा। अब मंगलवार (27 अगस्त) को मामले की अगली सुनवाई होगी।

बदलापुर के आदर्श स्कूल में 12 और 13 अगस्त को 23 साल के सफाई कर्मी अक्षय शिंदे ने किंडरगार्टन में पढ़ने वाली 3 और 4 साल की दो बच्चियों का यौन शोषण किया था। कोर्ट ने बुधवार (21 अगस्त) को मामले पर खुद संज्ञान लिया था।

कोर्ट ने कहा..कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि क्या बच्चियों ने स्कूल प्रशासन से यौन शोषण की शिकायत की थी। सरकार ने जवाब में कहा हां। कोर्ट ने पूछा कि क्या पुलिस ने स्कूल के खिलाफ केस दर्ज किया है। पॉक्सो के तहत, घटना की जानकारी छिपाने पर स्कूल प्रशासन को भी आरोपी बनाने का प्रावधान है।

सरकार ने कहा कि SIT का गठन किया गया है। अब केस दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि बच्ची के पेरेंट ने जैसे ही FIR दर्ज कराई, वैसे ही आपको स्कूल अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए था।

कोर्ट ने कहा कि हम यह जानकर हैरान हैं कि बदलापुर पुलिस ने दूसरी बच्ची के परिवार का बयान भी दर्ज नहीं किया था। हमने संज्ञान लिया तब पुलिस ने दूसरी बच्ची के पिता के बयान दर्ज किए, वह भी आधी रात के बाद। आप आधी रात के बाद बयान कैसे दर्ज कर सकते हैं? इतनी देरी क्यों?

 

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