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"भाजपा बाबरी मस्जिद गिराना चाहती थी लेकिन वो वहां पर मंदिर नहीं चाहती थी क्योंकि...", दिग्विजय सिंह ने फिर फोड़ा बयान का बम

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: January 16, 2024 09:40 IST

दिग्विजय सिंह ने भाजपा, विहिप और संघ पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि इनकी मंशा बाबरी मस्जिद गिराने की लेकिन वो वहां पर मंदिर नहीं बनाना चाहते थे।

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ठळक मुद्देदिग्विजय सिंह ने भाजपा, विहिप और संघ पर एक बार पिर लगाया सनसनीखेज आरोप उन्होंने कहा कि भाजपा, विहिप और संघ अयोध्या में मंदिर बनाने के पक्ष में नहीं थेभाजपा, विहिप और संघ की मंशा बाबरी मस्जिद गिराने की थी ताकि उन्हें राजनीतिक लाभ मिल सके

नई दिल्ली:कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि इनकी मंशा बाबरी मस्जिद गिराने की थी लेकिन वो वहां पर मंदिर नहीं बनाना चाहते थे क्योंकि जब तक मस्जिद नहीं गिराई जाती तब तक यह मुद्दा सांप्रदायिक मुद्दा नहीं बनता।

सोशल प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की गई लंबी पोस्ट में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं किया बल्कि कांग्रेस का यही कहना था कि विवाद में कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने कभी भी अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का विरोध नहीं किया। केवल विवादित भूमि पर निर्माण के लिए अदालत के फैसले तक इंतजार करने के लिए कहा था। गैर-विवादित भूमि पर 'भूमि पूजन' भी राजीव गांधी के समय में कराया गया था। नरसिम्हा राव जी ने राम मंदिर के निर्माण के लिए गैर-विवादित भूमि का अधिग्रहण भी किया था।"

दिग्विजय सिंह ने आगे कहा, "लेकिन बीजेपी, विहिप और संघ के लोग बाबरी मस्जिद गिराना चाहते थे, लेकिन वहं पर मंदिर नहीं बनाना चाहते थे क्योंकि जब तक मस्जिद नहीं टूटेगी तब तक मुद्दा हिंदू-मुस्लिम नहीं बनता। विनाश उनके आचरण और चरित्र में है। अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना उनकी रणनीति है। इसलिए उनका नारा था "राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।"

एक्स पर दिग्विजय सिंह ने कहा, "मेरी संवेदनाएं मंदिर निर्माण आंदोलन में शहीद हुए स्वयंसेवकों के परिवारों और उन लोगों के साथ हैं, जिनके खिलाफ अदालत में आपराधिक मामले दायर किए गए थे। क्या उन्हें आमंत्रित किया गया है? क्या 175 वर्षों तक राम जन्मभूमि के लिए लड़ने वाले निर्मोही अखाड़े के लोगों को आमंत्रित किया गया? क्या यही राज धर्म है? क्या यही राम राज है?"

इस बीच मानस मर्मज्ञ स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को अस्वीकार करने के लिए सोमवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस 'राजनीति' में नहीं बल्कि 'मूर्खनीति' में लगी हुई है।

स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कांग्रेस के प्रति बेहद कठोर शब्दों का प्रयोग करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस आज के समय वही कर रही है, जो 'क्रोधित बिल्ली' करती है।

उन्होंने कहा, "मंदिर समारोह शास्त्रों के अनुसार है। गर्भगृह पूरा हो गया है और अब प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इसमें गलत क्या है? यह शास्त्रों के अनुसार है। यह 'मूर्खनीति' है न कि 'राजनीति'।''

टॅग्स :दिग्विजय सिंहकांग्रेसआरएसएसBJPवीएचपीअयोध्याबाबरी मस्जिद विवादBabri Mosque
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