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बंगाल: हिंसा प्रभावित कालियागंज में धार 144 लागू, इंटरनेट सेवाएं निलंबित, पुलिस के नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक की इलाज के दौरान मौत

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 28, 2023 08:05 IST

एक हफ्ते पहले (20 अप्रैल)  लापता होने के एक दिन बाद लड़की शुक्रवार सुबह कालियागंज की नहर में मृत पाई गई। उसके परिवार का आरोप है कि हत्या से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने शव के साथ प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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ठळक मुद्देदिनाजपुर जिले के पूरे कालियागंज शहर में गुरुवार को धारा 144 लागू कर दी गई। इंटरनेट सेवाएं भी गुरुवार निलंबित कर दी गईं।पिछले सप्ताह 17 वर्षीय लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या को लेकर शहर में हिंसा हुई थी।

कालियागंजः पश्चिम बंगाल में उत्तर दिनाजपुर जिले के पूरे कालियागंज शहर में गुरुवार को धारा 144 लागू करने के साथ ही इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। बीते रविवार को शहर के कुछ हिस्सों में धारा 144 लागू की गई थी। अधिकारी ने कहा कि ये उपाय 30 अप्रैल तक जारी रहेंगे। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह 17 वर्षीय लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या को लेकर शहर में हिंसा हुई थी।

वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और आरोप लगाया कि सच्चाई को दबाने का प्रयास किया गया। हलदर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर वोट बैंक की राजनीति के लिए एक समुदाय विशेष को बचाने का आरोप लगाया।

एक हफ्ते पहले (20 अप्रैल)  लापता होने के एक दिन बाद लड़की शुक्रवार सुबह कालियागंज की नहर में मृत पाई गई। उसके परिवार का आरोप है कि हत्या से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने शव के साथ प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं शव को कब्जे में लेने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। लड़की के शव को पुलिस द्वारा घसीटते हुए ले जाने का वीडियो भी वायरल हुआ था जिसपर महिला आयोग ने राज्य पुलिस को नोटिस भेजा है। लड़की की मौत से इलाके में हिंसा भड़क गई और कालियागंज थाने में आग लगा दी गई।

एनसीएससी के उपाध्यक्ष हलदर ने कहा कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो किसी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “जिला अधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन वे उपस्थित नहीं थे। कम से कम जांच अधिकारी को तो मौजूद होना चाहिए था, लेकिन वह भी नहीं थे। आप मेरा अपमान नहीं, बल्कि एक संवैधानिक पद का अपमान कर रहे हैं।”

इस बीच, कालियागंज में हिंसा के दौरान घायल हुए पुलिस के नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक की इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मिजानुर रेहमान पुलिस के नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक थे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कालियागंज में हुई हिंसा में वह गंभीर रूप से घायल हो गये थे। सिलीगुड़ी के नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 

भाषा इनपुट के साथ

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