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बडवानी में दो दिन सड़क किनारे पड़ी रही वृद्धा, आंखों पर चल रही थी चींटियां, आयोग ने लिया एक्शन

By शिवअनुराग पटैरया | Updated: November 25, 2020 19:40 IST

मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक, बड़वानी से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है.

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ठळक मुद्देऐसे मामलों को देखने की किस विभाग एवं अधिकारी की जिम्मेदारी थी ?कुछ लोगों की नजर पड़ी, तो उन्होंने वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया.

भोपालः बडवानी जिले के सेंधवा में भिक्षा मांग कर गुजारा करने वाली वृद्धा बीमार अवस्था में दो दिन सड़क किनारे बेसुध पड़ी रही. उसकी आंखों पर चींटियां चल रही थीं.

बीते सोमवार को जब कुछ लोगों की नजर पड़ी, तो उन्होंने वृद्धा को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां आधे घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया. इस मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक, बड़वानी से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है. आयोग ने यह भी पूछा है कि ऐसे मामलों को देखने की किस विभाग एवं अधिकारी की जिम्मेदारी थी ?

गलती होने पर कर्मचारी को निर्वस्त्र कर कम्पनी में घुमाया: रायसेन जिले के मण्डीदीप में बीते शनिवार को औद्योगिक क्षेत्र स्थित एमबीएच कम्पनी में एक श्रमिक से कुछ गलती होने पर कम्पनी के अधिकारियों ने उसे पहले प्रताड़ित किया फिर पूरी कम्पनी में निर्वस्त्र कर घुमाया.

जब पीड़ित इसकी शिकायत करने थाने पहुंचा, तो थाने से बगैर कार्ईवाई के श्रमिकों को भगा दिया गया. इस मामले में म.प्र. मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक रायसेन से जवाब मांगा है. मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अनुसार बीते रविवार को पीड़ित ने दोबारा थाने में आवेदन दिया, जिसमें उसने उसके साथ हुई घटना शिकायत की है कि शनिवार को एमबीएच कम्पनी में कार्य करने के दौरान उससे कुछ गलती हो गई थी, जिसपर कम्पनी प्रबंधक ने सभी के सामने बेइज्जत किया गया और सभी के सामने निर्वस्त्र कर पूरी कम्पनी में घुमाया गया.

इस दौरान कम्पनी परिसर में अन्य श्रमिकों के साथ महिलाएं भी मौजूद थीं. थाने में शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की, जिससे पीड़ित को मानसिक रूप से प्रताड़ना हुई है. इस मामले में आयोग ने पुलिस अधीक्षक, रायसेन से एक माह में प्रतिवेदन मांगा है. यह भी पूछा गया है कि प्रकरण में एफआईआर दर्ज की गई अथवा नहीं ? तथा प्रकरण की वर्तमान स्थिति से आयोग को अवगत कराने के लिये भी लिखा गया है.

टॅग्स :मध्य प्रदेशभोपालह्यूमन राइट्सशिवराज सिंह चौहान
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