लाइव न्यूज़ :

अरुणाचल प्रदेशः आखिर क्यों भाजपा सरकार ने 386 सरकारी स्कूलों को किया बंद?, देखिए किस जिले में क्या है आंकड़ा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 3, 2025 14:21 IST

Arunachal Pradesh: निर्णय का उद्देश्य शैक्षिक बुनियादी ढांचे को युक्तिसंगत बनाना और शिक्षण कर्मचारियों और सुविधाओं का बेहतर उपयोग करना है।

Open in App
ठळक मुद्देकुरुंग कुमे, तवांग, अंजॉ, चांगलांग और ऊपरी सुबानसिरी जैसे दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं।साल और कुछ मामलों में कई शैक्षणिक सत्रों से एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ है।अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम कामेंग जिले में सबसे अधिक 73 स्कूल बंद हुए हैं।

ईटानगरः अरुणाचल प्रदेश सरकार ने समूचे राज्य में 386 ऐसे सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है जिनमें चालू शैक्षणिक वर्ष में एक भी छात्र का दाखिला नहीं हुआ। एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों के विस्तृत विश्लेषण के बाद राज्य शिक्षा विभाग ने सोमवार को आदेश जारी किया, जिसमें बड़ी संख्या में ऐसे स्कूलों की पहचान की गई है जो कई वर्षों से बंद पड़े हैं। इस निर्णय का उद्देश्य शैक्षिक बुनियादी ढांचे को युक्तिसंगत बनाना और शिक्षण कर्मचारियों और सुविधाओं का बेहतर उपयोग करना है।

इसके कारण लगभग हर जिले के स्कूल प्रभावित हुए हैं, जिनमें कुरुंग कुमे, तवांग, अंजॉ, चांगलांग और ऊपरी सुबानसिरी जैसे दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल हैं। इस सूची में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक सरकारी स्कूल शामिल हैं, जिनमें इस साल और कुछ मामलों में कई शैक्षणिक सत्रों से एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ है।

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पश्चिम कामेंग जिले में सबसे अधिक 73 स्कूल बंद हुए हैं। अन्य जिलों में पापुमपारे में 50 स्कूल, पश्चिम सियांग में 31 स्कूल, ऊपरी सुबानसिरी और सियांग में 28-28 स्कूल तथा पूर्वी कामेंग में 23 स्कूल बंद हुए हैं। कई अन्य जिलों में भी एक से लेकर 22 स्कूल बंद हुए हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को बंद करना एक बड़ी युक्तिसंगत पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शैक्षिक संसाधनों को समेकित करना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिना छात्रों वाले स्कूलों को बंद करके उन संस्थानों में कर्मचारियों को पुनः नियुक्त करना है।

जो सक्रिय रूप से बच्चों की सेवा कर रहे हैं और जिन्हें सहायता की आवश्यकता है। राज्य में दूसरी बार है जब इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों को बंद किया गया है। पिछले साल भी राज्य सरकार ने 600 स्कूलों को बंद किया था, जो या तो बंद थे या जिनमें कोई दाखिला नहीं हुआ था।

टॅग्स :School EducationArunachal Pradeshपेमा खांडूPema Khandu
Open in App

संबंधित खबरें

भारतकौन थे भुवन चंद्र खंडूरी?, देहरादून में निधन

भारतकुत्तों के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता?, सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश को बरकरार रखा?

भारतसीएम डॉ. मोहन ने लिया मंत्रियों से एक-एक काम का हिसाब, जानें सरकार-संगठन के बीच क्या हुई बात?

भारतमहाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीट पर चुनाव, 18 जून को पड़ेंगे वोट, निर्वाचन आयोग की घोषणा, जानें मतगणना कब?

भारतBilaspur Nikay Chunav Results: कुल 11 सीट और भाजपा ने 9 और कांग्रेस ने 2 सीट पर दर्ज की जीत?

भारत अधिक खबरें

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार

भारतइंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा सहित मप्र के पांच कलेक्टर फेम इंडिया-एशिया पोस्ट की सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सूची में शामिल

भारतFalta Assembly Constituency: 21 मई को फाल्टा में पुनर्मतदान, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस ली, वीडियो

भारतशिविर में कुल 67 शिकायत, 30 दिन में करें समाधान नहीं तो 31वें दिन निलंबित?, रेफर नीति अपनाई तो सिविल सर्जन और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई?, सम्राट चौधरी ने दी चेतावनी

भारतनो वेटिंग, नो टेंशन! प्रमुख रूटों पर शुरू हुईं समर स्पेशल ट्रेनें, आज ही कराएं बुकिंग, चेक लिस्ट