लाइव न्यूज़ :

आंध्र प्रदेश: तीन राजधानी बनाने की योजना पर अडिग CM जगनमोहन रेड्डी, कहा- न्यायपालिका ने अपनी सीमा लांघी

By विशाल कुमार | Updated: March 26, 2022 07:09 IST

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संघीय भावना के खिलाफ जाकर तीन राजधानियों के मामले पर अव्यवहारिक फैसला कर ‘‘न्यायपालिका ने अपनी सीमा लांघी’ है। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए फैसले को ‘‘लागू नहीं किया जा सकता।’’ 

Open in App
ठळक मुद्देहाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि राज्य विधायिका राजधानी को स्थानांतरित करने अर्हता नहीं रखती है।जगन ने कहा कि सरकार तीन अलग-अलग राजधानी स्थापित कर विक्रेंदीकरण की योजना पर आगे बढे़गी।उन्होंने कहा कि तीन मार्च को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए फैसले को लागू नहीं किया जा सकता।

अमरावती: अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने के पिछली सरकार की योजना को ही आगे बढ़ाने के हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार तीन राज्यों की राजधानियों के साथ आगे बढ़ेगी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कहा कि संघीय भावना के खिलाफ जाकर तीन राजधानियों के मामले पर अव्यवहारिक फैसला कर ‘‘न्यायपालिका ने अपनी सीमा लांघी’ है। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए फैसले को ‘‘लागू नहीं किया जा सकता।’’ 

उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार तीन अलग-अलग राजधानी स्थापित कर विक्रेंदीकरण की योजना पर आगे बढे़गी क्योंकि इसका कोई विकल्प नहीं है। रेड्डी ने कहा, ‘‘ विक्रेंदीकरण हमारी नीति है। राजधानी का फैसला हमारा अधिकार और जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने यह बात विधानसभा में संक्षिप्त चर्चा के दौरान कही। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ का फैसला ‘‘ न केवल संविधान पर बल्कि विधायिका की शक्तियों पर सवाल उठाने जैसा था।’’

उन्होंने कहा कि यह संघीय भावना और विधायिका की शक्तियों के विपरीत है। रेड्डी ने कहा, ‘‘क्या न्यायपालिका कानून बनाएोगी? फिर विधायिका का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। विधायिका ने अपनी सीमा लांघी है जो अवांछित और अनावश्यक थी।’’ 

उन्होंने कहा,‘‘हम इस सदन की कार्यवाही उच्च न्यायालय का अपमान करने के लिए नहीं कर रहे हैं। हम उच्च न्यायालय का बहुत सम्मान करते हैं। साथ ही विधायिका की भी विधानसभा के सम्मान और शक्तियों की रक्षा करने की जिम्मेदारी है।’’ 

उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले का संदर्भ दिया जिसमें राज्य सरकार को और आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण को एक महीने के भीतर राजधानी शहर अमरावती में पेयजल, नाली, बिजली जैसे अवसंरचना विकास कार्यो को पूरा करने का निर्देश दिया गया है और सवाल किया कि क्या यह संभव है। 

उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि राज्य विधायिका राजधानी को स्थानांतरित करने, उसे दो या तीन हिस्से में करने संबंधी विधेयक लाने की ‘‘अर्हता नहीं रखती है।’’

टॅग्स :आंध्र प्रदेशJagan Mohan Reddyहाई कोर्टअमरावती
Open in App

संबंधित खबरें

भारतIndian Navy Warship INS Taragiri: समंदर तूफान में INS तारागिरी, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से लैस, जानें खासियत

क्राइम अलर्टशादीशुदा नेवी कर्मचारी ने की प्रेमिका की हत्या, शव के 3 टुकड़े किए, एक टुकड़ा फ्रीज़र में रखा, दूसरा बिस्तर के नीचे छिपाया और एक टुकड़े को जला दिया

क्राइम अलर्टमाता-पिता के घर गई पत्नी?, नौसेना कर्मचारी रविंद्र ने प्रेमिका मौनिका को घर बुलाया, हत्या कर शव टुकड़े-टुकड़े कर आधा फ्रिज में और आधा बोरी में पैक कर फेंका?

भारत'पत्नी के साथ ‘अप्राकृतिक यौन संबंध’ के लिए पति पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता', एमपी हाईकोर्ट का फैसला

क्रिकेट7वीं आईडीसीए महिला टी10 राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिपः 5 रन से विजेता, आंध्र प्रदेश ने दिल्ली को हराया

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम