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खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित, बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से श्रद्धालुओं के जाने पर लगी रोक

By भाषा | Updated: July 7, 2023 11:22 IST

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को आज सुबह गुफा की ओर जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह भारी बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण श्रद्धालुओं की यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।

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ठळक मुद्देअधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धालुओं को बालटाल और नूनवान आधार शिविरों में रोक दिया गया है। मौसम ठीक होते ही यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी।अब तक कुल 43,833 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं।

जम्मूः कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश के कारण शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बालटाल और पहलगाम, दोनों ही मार्गों पर यात्रा स्थगित कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को आज सुबह गुफा की ओर जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह भारी बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण श्रद्धालुओं की यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई।

अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धालुओं को बालटाल और नूनवान आधार शिविरों में रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम ठीक होते ही यात्रा फिर से शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले तड़के करीब पौने चार बजे 7,000 से अधिक श्रद्धालुओं का नया जत्था जम्मू स्थित आधार शिविर से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ था। श्रद्धालु यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 247 वाहनों में भगवती नगर आधार शिविर से घाटी की तरफ बढ़े थे।

अधिकारियों के अनुसार, पहलगाम जा रहे 153 वाहनों के काफिले में 4,600 तीर्थयात्री सवार थे, जबकि 2,410 तीर्थयात्रियों को लेकर 94 वाहनों का एक और काफिला तड़के पौने चार बजे बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ। इस साल 30 जून को अमरनाथ यात्रा शुरू से लेकर अब तक कुल 43,833 तीर्थयात्री जम्मू आधार शिविर से घाटी के लिए रवाना हो चुके हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, तीर्थयात्रियों की संख्या 84,000 से अधिक हो गई है। दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा मंदिर की 62 दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा अनंतनाग जिले के पहलगाम और गंदेरबल जिले के बालटाल स्थित दोनों मार्गों से शुरू हुई। यह यात्रा 31 अगस्त को समाप्त होने वाली है। पूरी यात्रा की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से की जा रही है। तीर्थयात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी विभाग आईसीसीसी से निगरानी करते हैं और अपने कर्मचारियों को सूचना भेजते हैं। 

टॅग्स :अमरनाथ यात्राजम्मू कश्मीर
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