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Adani Group Row: समाचार पत्रों ने अडाणी मामले पर सवाल उठाए, राहुल गांधी ने कहा-जी20 बैठक से पहले भारत की प्रतिष्ठा दांव पर, पीएम मोदी मौन क्यों हैं, देखें वीडियो

By सतीश कुमार सिंह | Updated: August 31, 2023 17:52 IST

Adani Group Row: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना नाम साफ करें और स्पष्ट रूप से बताएं कि क्या चल रहा है। संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया जाना चाहिए और गहन जांच होनी चाहिए।

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ठळक मुद्देकम से कम JPC की अनुमति दी जानी चाहिए और गहन जांच होनी चाहिए।मुझे समझ नहीं आ रहा कि प्रधानमंत्री जांच क्यों नहीं करवा रहे हैं? जो लोग ज़िम्मेदार हैं क्या उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया गया है?

मुंबईः अडानी समूह विवाद पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुंबई में कहा कि जांच हुई, सेबी को सबूत दिए गए और सेबी ने गौतम अडाणी को क्लीन चिट दे दी...तो साफ है कि यहां कुछ गड़बड़ है। प्रमुख वैश्विक समाचार पत्रों ने अडाणी मामले पर बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। 

अडाणी मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि जी20 बैठक से पहले भारत की प्रतिष्ठा दांव पर, प्रधानमंत्री मोदी को कार्रवाई करनी चाहिए, इस मामले की जांच करानी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी मौन क्यों हैं, वह इसकी जांच क्यों नहीं होने देते। अडाणी मामले में संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया जाना चाहिए और गहन जांच होनी चाहिए।

G20 के नेताओं के यहां आने से ठीक पहले वे पूछ रहे होंगे कि यह कौन सी विशेष कंपनी है जिसका स्वामित्व प्रधानमंत्री के करीबी सज्जन के पास है और भारत जैसी अर्थव्यवस्था में इस सज्जन को मुफ्त यात्रा क्यों दी जा रही है? पहला सवाल यह उठता है कि- ये किसका पैसा है? ये अडाणी का पैसा है या किसी और का है? इसके पीछे के मास्टरमाइंड विनोद अडाणी नामक एक सज्जन हैं, जो गौतम के भाई हैं।

पैसे की इस हेरा-फेरी में दो अन्य लोग भी शामिल हैं। एक सज्जन हैं, जिनका नाम नासिर अली शाबान अहली है और दूसरे एक चीनी सज्जन हैं, जिनका नाम चांग चुंग लिंग है। तो, दूसरा सवाल उठता है कि- इन दो विदेशी नागरिकों को उन कंपनियों में से एक के मूल्यांकन के साथ खेलने की अनुमति क्यों दी जा रही है, जो लगभग सभी भारतीय बुनियादी ढांचे को नियंत्रित करती है।

अडाणी समूह विवाद पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "यह G20 का समय है और यह दुनिया में भारत की स्थिति के बारे में है। भारत जैसे देश के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि हमारी आर्थिक स्थिति और यहां संचालित होने वाले व्यवसायों में समान अवसर और पारदर्शिता हो। आज सुबह दो वैश्विक वित्तीय अखबारों ने एक बेहद अहम सवाल उठाया है।

ये कोई रैंडम समाचार पत्र नहीं हैं। ये समाचार पत्र भारत में निवेश और शेष विश्व में भारत के बारे में धारणा को प्रभावित करते हैं।" यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना नाम साफ करें और स्पष्ट रूप से बताएं कि क्या चल रहा है। कम से कम JPC की अनुमति दी जानी चाहिए और गहन जांच होनी चाहिए।

मुझे समझ नहीं आ रहा कि प्रधानमंत्री जांच क्यों नहीं करवा रहे हैं? वे चुप क्यों हैं और जो लोग ज़िम्मेदार हैं क्या उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया गया है? G20 नेताओं के यहां आने से ठीक पहले यह प्रधानमंत्री पर बहुत गंभीर सवाल उठा रहा है... यह महत्वपूर्ण है कि उनके (G20 नेताओं) आने से पहले इस मुद्दे को स्पष्ट किया जाए।

टॅग्स :गौतम अडानीराहुल गांधीनरेंद्र मोदी
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