लाइव न्यूज़ :

भारत में पैदा हुई एशिया की सबसे छोटी बच्ची, 4 महीने पहले ही हो गया जन्म, वजन सिर्फ 375 ग्राम

By उस्मान | Updated: July 21, 2018 12:16 IST

डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की डिलीवरी 25वें हफ्ते में ही कर दी गई थी. आमतौर पर बच्चे गर्भ के 36वें से 40वें हफ्ते में पैदा होते हैं.

Open in App

तेलंगाना में हैदराबाद के रेनबो अस्पताल में 375 ग्राम वजन की बच्ची ने जन्म लिया। इसे दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे छोटी बच्ची होने का दावा किया जा रहा है। उसकी लंबाई केवल 20 सेमी है। लगभग हथेली के साइज की। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की डिलीवरी 25वें हफ्ते में ही कर दी गई थी। आमतौर पर बच्चे गर्भ के 36वें से 40वें हफ्ते में पैदा होते हैं। इससे पहले पैदा होने वाले बच्चों को प्री-मेच्योर बेबी कहा जाता है। समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के अंग पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं। उनके जीवित बचने की संभावना भी बेहद कम होती है।

बच्ची को बचाना था मुश्किल

बच्ची को बचाना मुश्किल था। लेकिन चमत्कारी रूप से वह बच गई। वह अभी एकदम स्वस्थ है और अब उसका वजन ढाई किलो है। बच्ची का नाम चेरी रखा गया है। उसका जन्म 27 फरवरी, 2018 को हुआ था। दुनिया का सबसे छोटे साइज की बच्ची का जन्म जर्मनी में हुआ है। इस बच्ची की लंबाई 8.6 इंच और वजन केवल 229 ग्राम था। 

चार महीने पहले ही हो गया जन्म

अस्पताल ने चेरी के माता-पिता के साथ मीडिया को बताया कि अमूमन बच्चे गर्भ में आने के बाद 36वें से 40वें हफ्ते में पैदा होते हैं। इससे पहले पैदा होने वाले बच्चों को प्री-मेच्योर बेबी कहा जाता है। समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों के अंग पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं। बच्ची का जन्म उम्मीद से चार महीने पहले ही हो गया था।

ऐसे बच्चों के जीवित रहने की संभावना 0.5 फीसदी यानी कि न के बराबर होती है। ऐसे बच्चों को कई तरह के इंफेक्शन का खतरा रहता है। नतीजतन ऐसे बच्चों के शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं और उनकी मौत हो जाती है। हालांकि, डॉक्टर की टीम ने असंभव को संभव कर दिखाया। चेरी और उसकी मां स्वस्थ्य हैं। अब बच्ची का वजन 2.5 किलोग्राम हो गया है। 

औसत नवजात बच्चे जन्म के समय

-  2.5 से 3.5 किग्रा होता है औसत नवजात बच्चे का जन्म - 45 से 50 सेंटीमीटर लंबाई होती है नवजात बच्चे की - 36वें से 40वें हफ्ते में पैदा होते हैं अमूमन बच्चे 

चेरी के जन्म के समय

- 375 ग्राम था चेरी का वजन जन्म के समय -20 सेंटीमीटर लंबाई थी चेरी की जन्म के समय-25वें हफ्ते में हुआ बच्ची का जन्म- चार महीने पहले ही हो गया बच्ची का जन्म 2.5 किलोग्राम हो गया है अब चेरी का वजन

(फोटो- सोशल मीडिया) 

टॅग्स :मेडिकल ट्रीटमेंटहैदराबादतेलंगानाहेल्थ टिप्स
Open in App

संबंधित खबरें

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

क्राइम अलर्टTelangana: दूसरी शादी के लिए महिला ने पानी की टंकी में डुबोकर अपनी छह साल की बेटी को मार डाला

स्वास्थ्यसुबह खाली पेट ये 8 चीजें खाना पड़ सकता है भारी

विश्वतेलंगाना की रहने वाली 25 वर्षीय नव्या गडुसु की मौत और सड़क दुर्घटना में 6 घायल 

स्वास्थ्यकिडनी या पेशाब की नली में फंसी पथरी? ये 8 देसी उपाय दिला सकते हैं राहत

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्य‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

स्वास्थ्यWHO ने इबोला के प्रकोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया, जानें लक्षण और सुरक्षित रहने के लिए इन चीजों का रखें ध्यान

स्वास्थ्यनीम से गिलोय तक, सेहत के लिए फायदेमंद हैं ये 6 चीजें

स्वास्थ्यस्टेरॉयड से वजन बढ़ना और जिम सप्लीमेंट्स के पीछे भाग रहे युवा?, विशेषज्ञ बोले-हृदय और उच्च रक्तचाप का खतरा?