लाइव न्यूज़ :

DELHI AIIMS: कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ऐप की शुरुआत, ‘डर्म एड’ 50 से अधिक त्वचा रोगों की पहचान, 15-30 सेकेंड में जानें सबकुछ

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 28, 2022 18:24 IST

DELHI AIIMS: एम्स के त्वचाविज्ञान विभाग में प्रोफेसर डॉ सोमेश गुप्ता ने बताया कि त्वचा रोग निदान समाधान 'डर्म एड' ऐप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कलन विधि (एल्गोरिथम) का उपयोग किया जाता है।

Open in App
ठळक मुद्देत्वचा की स्थिति को समझने की उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए एक नैदानिक उपकरण है।त्वचा विशेषज्ञों की तुलना में सामान्य चिकित्सकों के बीच नैदानिक ​​सटीकता 40 से 50 प्रतिशत है।डॉक्टर किसी मरीज के शरीर पर घावों की तस्वीर लेता है और उन्हें क्लाउड सर्वर पर अपलोड करता है।

DELHI AIIMS: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली ने न्यूरिथम प्रयोगशाला नामक स्टार्ट-अप के साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एक ऐप की शुरुआत की है जो मुंह के कैंसर व त्वचा संबंधी रोगों का पता लगाने और सटीकता से समस्याओं के समाधान में सहायक है।

एम्स के त्वचाविज्ञान विभाग में प्रोफेसर डॉ सोमेश गुप्ता ने बताया कि त्वचा रोग निदान समाधान 'डर्म एड' ऐप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कलन विधि (एल्गोरिथम) का उपयोग किया जाता है। सामान्य चिकित्सकों के लिए, यह त्वचा की स्थिति को समझने की उनकी क्षमता बढ़ाने के लिए एक नैदानिक उपकरण है।

डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि अध्ययनों से पता चला है कि त्वचा विशेषज्ञों की तुलना में सामान्य चिकित्सकों के बीच नैदानिक ​​सटीकता 40 से 50 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, ''ऐप के पीछे की तकनीक सरल है। एक डॉक्टर किसी मरीज के शरीर पर घावों की तस्वीर लेता है और उन्हें क्लाउड सर्वर पर अपलोड करता है।

15-30 सेकंड के भीतर, ऐप विश्लेषण के आधार पर संभावित रोग की स्थिति बताता है।" भारत में त्वचा संबंधी कवक संक्रमणों में वृद्धि देखी जा रही है जो एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों से भ्रमित हैं और इसका स्टेरॉयड के साथ इलाज किया जाता है। ऐप से फफुंदीय संक्रमण से निपटने में मदद मिलने की संभावना है।

अभी ‘डर्म एड’ 50 से अधिक त्वचा रोगों की पहचान कर सकता है जो डॉक्टरों द्वारा पहचान किए जाने वाले सबसे आम मामले हैं। इस साल के अंत तक यह संख्या और बढ़ेगी। डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि ऐप कई बीमारियों को लगभग 80 प्रतिशत सटीकता के साथ बता सकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, भारत में केवल 12.5 लाख एलोपैथिक चिकित्सक हैं, जिनमें से केवल 3.71 लाख विशेषज्ञ या स्नातकोत्तर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में स्वाभाविक है कि भारत में त्वचा रोग विशेषज्ञों की कुल संख्या कम ही होगी।

उन्होंने कहा "ऐप ग्रामीण भारत में, जहां सामान्य चिकित्सक आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और स्वास्थ्य कार्यकर्ता तत्काल जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, कारगर साबित हो सकता है। इसके द्वारा मुंह के कैंसर की जांच की जा सकती है।" 

टॅग्स :एम्सदिल्ली
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली में सफर पर लगेगा ब्रेक? 21 मई से तीन दिन तक ऑटो-टैक्सी की हड़ताल, किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े ड्राइवर

भारतओडिशा भीषण गर्मीः बौध शहर में 42.9 डिग्री सेल्सियस?, 11 स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज

भारतदिल्ली में भीषण लू का कहर, IMD ने 45 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की चेतावनी दी

भारतक्या आप भी दिल्ली में घर ढूंढ रहे हैं? DDA की इस नई योजना में हो रही है लाखों की बचत, जानें पूरी डिटेल

भारतआखिर क्यों सीएम योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव और विष्णु देव साय से मिले अमित शाह, यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ में क्या हो सकता?, इन राज्य में 2027-28 में चुनाव

स्वास्थ्य अधिक खबरें

स्वास्थ्य‘क्या इंसानों को बचाने के लिए करोड़ों मच्छर पैदा किए जा सकते हैं?’

स्वास्थ्यसुबह खाली पेट ये 8 चीजें खाना पड़ सकता है भारी

स्वास्थ्यबिहार में हर साल कैंसर से 80000 मौत?, प्रतिवर्ष 1.20 लाख नए रोगी, देश में चौथे स्थान पर बिहार, आईजीआईएमएस रिपोर्ट में खुलासा?

स्वास्थ्यWHO ने इबोला के प्रकोप को लेकर अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया, जानें लक्षण और सुरक्षित रहने के लिए इन चीजों का रखें ध्यान

स्वास्थ्यकिडनी या पेशाब की नली में फंसी पथरी? ये 8 देसी उपाय दिला सकते हैं राहत