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यह कोई ट्रेन नहीं बल्कि सरकारी स्कूल है, बाउंड्री मालगाड़ी तो क्लासरूम हैं रेल के डिब्बे

By पल्लवी कुमारी | Updated: April 10, 2018 04:29 IST

इन दिनों राजस्‍थान के अलवर में एक सरकारी स्‍कूल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्‍कूल को ट्रेन के रंग में रंग दिया गया है। 

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जयपुर, 10 अप्रैल: आपने आज तक कई बड़े-बड़े स्कूल देखें होंगे। ऊंची-ऊंची इमारतों में हजारों छात्राओं को पढ़ते देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी भारतीय रेल के जैसा किसी स्कूल की इमारत देखी है। इन दिनों राजस्‍थान के अलवर में एक सरकारी स्‍कूल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्‍कूल को ट्रेन के रंग में रंग दिया गया है। 

अलवर जिले का यह पूरा सरकारी स्‍कूल ट्रेन की बोगी की तरह से नजर दिखता है। स्‍कूल को भारतीय रेलों के जैसे रंगने की एक खास वजह है। असल में इस स्‍कूल का नाम गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्‍कूल रेलवे स्‍टेशन है। इसी को देखते हुए स्‍कूल को ट्रेन के डिब्‍बे के रंग में रंगा गया है।स्‍कूल का क्‍लास रूम पैसेंजर बोगियों की तरह दिखता है। वहीं,  प्रिंसिपल का ऑफिस इंजन और बरामदा प्‍लैटफार्म की तरह बनाया गया है। 

स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि पहले ही स्कूल का नाम रेलवे स्‍टेशन की तरह था, इसलिए इसे रेलवे स्‍टेशन की तरह इसे बनाने का विचार किया गया। इसका विचार जिला सर्व शिक्षा अभियान के जूनियर इंजिनियर राजेश लवानिया ने दिया था।

 स्‍कूल के पांच कमरों को ट्रेन की तरह से रंगा जा चुका है। इस महीने के अंत तक दो और बोगियों को रंग दिया जाएगा। इस स्‍कूल की बाउंड्री को मालगाड़ी की तरह से रंग दिया गया है। इस स्कूल में तकरीबन 500 बच्चें पढ़ते हैं।

हालांकि आपको बता दें कि स स्‍कूल के आसपास रेलवे स्‍टेशन नहीं है। जब यह स्‍कूल शुरू हुआ था तो उस समय यह स्‍टेशन से 50 मीटर की दूरी पर था और एक ऐतिहासिक इमारत से चलाया जा रहा था। लेकिन कुछ सालों बाद स्कूल को वहां से शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन स्कूल का नाम नहीं बदला गया।  

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