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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का पुराना वीडियो आया सामने, STF के सामने पूछताछ में लिया था इन 2 विधायकों का नाम, देखें वीडियो

By अनुराग आनंद | Updated: July 6, 2020 17:01 IST

विकास दुबे ने 2017 में एसटीएफ के सामने इस वीडियो में जिन दो बीजेपी विधायकों का नाम लिया है, उन दोनों ही विधायकों ने विकास से किसी तरह के संबंध को खारिज किया है।

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ठळक मुद्देपंचायत चुनाव के दौरान विकास दुबे पर एक शख्स की हत्या का आरोप लगा था।विकास दुबे पर हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप था।2017 में हत्या के इसी मामले में पूछताछ के दौरान विकास दुबे ने दो विधायकों का नाम लिया था।

कानपुर:कानपुर शूटआउट मामले में ताबड़तोड़ फायरिंग कर 8 पुलिस वालों की हत्या मामले में मुख्य आरोपी व हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे अब भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। विकास दुबे से संबंधित 2017 का एक वीडियो  सोशल मीडिया पर अब वायरल होने लगा है। 

इस वीडियो के सामने आने के बाद सबसे अधिक चर्चा इस बात का है कि पूछताछ में दुबे यूपी एसटीएफ के सामने एक मामले में बीजेपी के दो विधायकों का भी नाम ले रहा है। 

दरअसल, पंचायत चुनाव के दौरान विकास दुबे पर एक शख्स की हत्या का आरोप लगा था। उसके खिलाफ हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप था। इसके बाद इस मामले में एसटीएफ ने उससे पूछताछ की थी।

इसी समय दुबे ने एसटीएफ के सामने बीजेपी विधायकों भगवती प्रसाद सागर और अभिजीत सिंह सांगा का नाम लिया था। अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद दोनों विधायकों के नाम को सुनकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। 

इस वीडियो को सामने आने के बाद दोनों विधायकों ने विकास दुबे के साथ अपने किसी भी संबंध को नकारा है। विधायकों ने कहा है कि उसने खुद को बचाने के लिए ऐसा किया होगा। 

विकास दुबे के घर के दीवारों व फर्श के नीचे से भारी मात्रा में गोला, बारूद व तमंचा मिला-

कानपुर पुलिस ने विकास दुबे के घर तोड़े जाने को लेकर उठ रहे सवाल पर कहा है कि विकास दुबे के घर की तालाशी लेने पर भारी मात्रा में गोला, बारूद व तमंचा बरामद हुए हैं।

इन सभी हथियारों व गैरकानूनी समानों को अपराधी ने अपने घर के दीवारों व फर्श में छिपाया था। पुलिस की मानें तो इस दौरान पूर्व की ओर से दीवारों की खुदाई करने पर भवन असुरक्षित हो जाने के फलस्वरूप थाना चौबेपुर पुलिस द्वारा जेसीबी का उपयोग किया गया है। इसी वजह से दीवार व अपराधी का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है। 

इसके साथ ही पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि अपराधी के घर से 6 तमंचे और 15 देसी बम आदि मिले हैं। फर्श में गुप्त तहखाने बनाकर हथियार छिपाए गए थे।

अब इस मामले में यूपी पुलिस ने कानपुर में 8 पुलिसकर्मयों की हत्या के आरोपी विकास दुबे की सूचना देने वाले को मिलेगा अब ढाई लाख का इनाम दिया जाएगा।  पहले यह राशि 1 लाख रुपए घोषित की गई थी।

 तीन पुलिसकर्मी निलंबित, जांच शुरू, ड्यूटी पर लापरवाही बरतने का आरोप-

बता दें कि कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर तीन पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया है कि निलंबित उपनिरीक्षकों कुंवरपाल और कृष्ण कुमार शर्मा व कॉन्स्टेबल राजीव के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।

ये सभी चौबेपुर थाने में तैनात थे. तीनों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गयी है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जायेगा और अगर जांच के दौरान उनकी भूमिका या साजिश सामने आयी तो उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तीनों पुलिसकर्मी चौबेपुर के थाना प्रभारी विनय तिवारी के साथ विकास दुबे के घर बुधवार को गए थे। स्थानीय कारोबारी राहुल तिवारी की शिकायत पर पुलिस वहां दबिश देने गयी थी।

राहुल को विकास दुबे ने पुलिस की मौजूदगी में पीटा था। जब तिवारी ने बीचबचाव की कोशिश की तो दुबे ने कथित रूप से उनका मोबाइल छीनकर उनके साथ भी बदसलूकी की थी। उसके बाद दोनों के बीच कहासुनी और धक्कामुक्की भी हुई और फिर पुलिस घर से चली गई। मुठभेड़ की वारदात के बाद विनय तिवारी को निलंबित कर दिया गया है।

एसएसपी के सीने में लगी थी गोली, आईजी के सिर के पास से गुजरी बुलेट

कानपुर पुलिस ने कहा है कि कुख्यात अपराधी विकास दुबे के गुर्गों से मुठभेड़ के दौरान आईजी बाल-बाल बचे, जबकि एसएसपी को सीने में गोलियां लगी थीं। वह इसलिए बच गए कि उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहनी थी। पुलिस ने रविवार को बयान जारी कर कहा है कि एसएसपी को इस मुठभेड़ के दौरान सीने में गोलियां लगी थीं, लेकिन बुलेट प्रूफ जैकेट होने की वजह से गोलियां जैकेट में धंस गईं।

कानपुर के बिकरू गांव में घटनास्थल पर पुलिस (तस्वीर ट्विटर)

असल में, विकास के 8 से 10 गुर्गों ने पुलिस पर तीन ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर हमला बोला था। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं। इसमें पुलिस के 8 जवान शहीद हो गए। पुलिसकर्मियों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई, लेकिन अंधेरे के कारण बदमाश भागने में कामयाब रहे।

टॅग्स :कानपुरउत्तर प्रदेशहत्याकांडmurder case
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