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इस साल कंपनियों ने 60 फीसदी नये कर्मचारियों को नहीं दिया अप्रेजल, जॉब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म फाउंडइट की रिपोर्ट

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: August 1, 2023 16:37 IST

जॉब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म फाउंडइट ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत में 60 प्रतिशत से अधिक प्रवेश स्तर के कर्मचारियों को इस मूल्यांकन सत्र में बढ़ोतरी नहीं मिली है।

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ठळक मुद्देभारत में 60 फीसदी से अधिक नये कर्मचारियों को इस सत्र में कंपनियों ने नहीं दी है कोई भी बढ़ोतरीकंपनियों ने 0 से 3 वर्ष के अनुभव के कर्मचारियों को नहीं दिया है अप्रेजल केवल 10 प्रतिशत नये कर्मचरियों को मिला है 5-10 प्रतिशत का ग्रोथ

नयी दिल्ली: जॉब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म फाउंडइट ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत में 60 प्रतिशत से अधिक प्रवेश स्तर के कर्मचारियों को इस मूल्यांकन सत्र में बढ़ोतरी नहीं मिली है।

समाचार वेबसाइट बिजनेस टुडे के अनुसार फाउंडइट की रिपोर्ट में कहा गया है, “नये कर्मचारी, जिनका कार्य अनुभव 0 से 3 वर्ष का है। उनमें से 62 फीसदी कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्हें इस वर्ष कोई मूल्यांकन नहीं मिला है। उनमें से 10 प्रतिशत को 5-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिली, जबकि 9 प्रतिशत को 0-5 प्रतिशत वेतन वृद्धि मिली।

इसके अलावा रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कंपनियां पारिश्रमिक में मौद्रिक बढ़ोतरी के अलावा कर्मचारियों को मुआवजा देने के वैकल्पिक तरीकों पर भी विचार कर रही हैं। 

इस संबंध में फाउंडइट के सीईओ शेखर गरिसा ने कहा, "फाउंडिट अप्रेजल ट्रेंड्स रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनियां वेतन वृद्धि के लिए अतिरिक्त और वैकल्पिक उपाय मसलन ईएसओपी, बोनस और यहां तक ​​​​कि पदोन्नति पर भी विचार कर रही हैं।"

इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन 49 फीसदी कर्मचारियों को अप्रेजल नहीं मिला, उन्हें उनके नियोक्ताओं द्वारा कर्मचारी स्टॉक स्वामित्व योजना (ईएसओपी) और बोनस के साथ प्रोत्साहित किया गया है। इसके साथ ही कंपनियों ने बिना वेतन वृद्धि वाले 20 फीसदी लोगों को पदोन्नति की पेशकश की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार हेल्थकेयर और बीपीओ/आईटीईएस उद्योगों के अधिकांश कर्मचारियों ने इस वर्ष वेतन वृद्धि हासिल की। स्वास्थ्य सेवा में 29 फीसदी कर्मचारियों को 5 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी मिली, जबकि 27 प्रतिशत कर्मचारियों को 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी मिलेगी।

वहीं बीपीओ/आईटीईएस सेक्सटर की बात करें तो लगभग 49 प्रतिशत कर्मचारियों ने वित्त वर्ष 2023 में 0 से 5 फीसदी का ग्रोथ हासिल किया, जबकि 26 फीसदी को 5 से 10 फीसदी बढ़ोतरी मिली है।

इसके अलावा बीएफएसआई उद्योग में 20 फीसदी कर्मचारियों को 10 से 15 फीसदी कर्मचारियों को ग्रोथ मिला है और 30 फीसदी कर्मचारियों के वेतन में 5 से 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। आईटी ने भी इसी तरह का रुझान दिखाया, जिसमें 30 फीसदी कर्मचारियों को 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी और 21 फीसदी को 5 से 10 फीसदी का अप्रेजल मिला है। इंजीनियरिंग या निर्माण उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों को 20 फीसदी को 20 फीसदी से अधिक वेतन वृद्धि मिली है।

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