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क्या है मरम्मत सूचकांक?, आखिर कैसे ग्राहकों को खरीदारी में मिलेगी मदद, जानें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 4, 2025 10:04 IST

आधिकारिक बयान में कहा गया कि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में मरम्मत क्षमता सूचकांक के लिए गठित समिति ने उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

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ठळक मुद्देपता चलेगा कि उपकरण के खराब होने पर उसकी मरम्मत की संभावना कितनी है।मंत्रालय सिफारिशों की जांच करेगा और उसके अनुसार कुछ दिशानिर्देश जारी करेगा।अंक मानदंडों के आधार पर मरम्मत क्षमता सूचकांक की घोषणा करनी होगा।

नई दिल्लीः स्मार्टफोन और टैबलेट की मरम्मत में उपभोक्ताओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार द्वारा गठित एक समिति ने सिफारिश की है कि मूल उपकरण निर्माता इस उत्पाद श्रेणी में मरम्मत क्षमता सूचकांक की खुद घोषणा करें, ताकि ग्राहकों को इस बारे में पूरी जानकारी मिल सके। समिति के सुझावों के अनुसार विनिर्माताओं को इस सूचकांक पर उपकरणों को रेटिंग देनी होगी। इससे पता चलेगा कि उपकरण के खराब होने पर उसकी मरम्मत की संभावना कितनी है।

एक आधिकारिक बयान में शनिवार को कहा गया कि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में मरम्मत क्षमता सूचकांक के लिए गठित समिति ने उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। खरे ने पहले कहा था कि मंत्रालय सिफारिशों की जांच करेगा और उसके अनुसार कुछ दिशानिर्देश जारी करेगा।

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सितंबर 2024 में अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। समिति ने कहा कि मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) को बिना किसी अतिरिक्त अनुपालन बोझ के मानक अंक मानदंडों के आधार पर मरम्मत क्षमता सूचकांक की घोषणा करनी होगा।

इसके अलावा, समिति ने सुझाव दिया कि मरम्मत क्षमता सूचकांक को दुकानों, ई-कॉमर्स मंचों और उत्पादों पर क्यूआर कोड के रूप में दर्शाना चाहिए। बयान में कहा गया कि समिति की सिफारिशें उद्योग में नवाचार और कारोबारी सुगमता में किसी भी बाधा के बिना सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं के अनुसार तैयार की गई हैं। 

टॅग्स :भारत सरकारConsumer Affairs
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