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भारत में होने वाली है नौकरियों की बारिश, MNCs दो लाख कर्मचारियों को नियुक्त करने का बना रहीं प्लान

By मनाली रस्तोगी | Updated: May 18, 2022 16:13 IST

एक विशेषज्ञ स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो के अनुसार हायरिंग गेम में शीर्ष पर रहने वाली कंपनियों में एमेक्स, बैंक ऑफ अमेरिका, वेल्स फारगो, सिटी, बार्कलेज, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, गोल्डमैन सैक्स, अमेज़ॅन, टारगेट, वॉलमार्ट, शेल, जीएसके, एबॉट, फाइजर, जेएंडजे, नोवार्टिस, और एस्ट्राजेनेका शामिल हैं.

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ठळक मुद्देसमाधान, मुख्य विकास, DevOps, क्लाउड और साइबर सुरक्षा, वर्चुअलाइजेशन, डेटा विश्लेषण और उद्यम गतिशीलता में भूमिका की मांग है.कोविड -19 के प्रकोप के बाद देश में जीसीसी बढ़ने लगे और इससे दूरस्थ कार्य करने के विचार के लिए संगठनों की संख्या में भी वृद्धि हुई.

नई दिल्ली: देश में अब तमाम कंपनियों ने कर्मचारियों के लिए अपने ऑफिस खोल दिए हैं. ऐसे में अधिकांश कंपनियां वर्क फ्रॉम होम खत्म करके कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने की योजना बना रही हैं, जबकि कुछ ने तो ऑफिस खोल भी दिए हैं. यही नहीं, अब तो कई कंपनियों में भी महामारी के बाद हायरिंग प्रोसेस में तेजी देखी जा रही है. 

कंपनियों को फिर से खोलने के बीच मल्टीनेशनल कंपनियों की भारत स्थित कैप्टिव इकाइयां भी अपने हेडकाउंट को बढ़ाने के लिए तैयार हैं. ET की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मौजूदा और आगामी वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) इस वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 180,000-200,000 कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना बना रहे हैं. 

एक विशेषज्ञ स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो के अनुसार हायरिंग गेम में शीर्ष पर रहने वाली कंपनियों में एमेक्स, बैंक ऑफ अमेरिका, वेल्स फारगो, सिटी, बार्कलेज, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड, गोल्डमैन सैक्स, अमेज़ॅन, टारगेट, वॉलमार्ट, शेल, जीएसके, एबॉट, फाइजर, जेएंडजे, नोवार्टिस, और एस्ट्राजेनेका शामिल हैं.

एक्सफेनो के कोफाउंडर अनिल एथनुर ने कहा, "महामारी के बाद की भर्ती में पिकअप सक्रिय जीसीसी द्वारा पेंट-अप मांग और विस्तार की भर्ती द्वारा संचालित है. इसके अलावा, बनने वाले नए बंदियों द्वारा और उनके लिए हायरिंग एक्शन ने हायरिंग एक्शन के फनल में जोड़ा है." ये कंपनियां पूरे स्पेक्ट्रम में भूमिकाओं के लिए नियुक्त करने की योजना बना रही हैं. लेकिन जैसे-जैसे दुनिया और अधिक डिजिटल होती गई महामारी, शीर्ष प्रतिभा और मांग में भूमिकाएं तकनीक और डिजिटल स्पेस में हैं. 

समाधान, मुख्य विकास, DevOps, क्लाउड और साइबर सुरक्षा, वर्चुअलाइजेशन, डेटा विश्लेषण और उद्यम गतिशीलता में भूमिका की मांग है. इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (RPA), और ब्लॉकचेन में भूमिका की मांग बनी हुई है. इस समय भारत में बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई), आईटी सॉफ्टवेयर, ऑटोमोटिव, फार्मास्यूटिकल्स, खुदरा और तेल और गैस सहित क्षेत्रों में लगभग 1,500 जीसीसी हैं.

Xpheno द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कंपनियों के इस समूह ने 2021-22 में भारत में कुल मिलाकर लगभग 170,000 नौकरियों को जोड़ा, जबकि सकल हायरिंग लगभग 350,000 थी. 2025 तक देश में 500 से अधिक नए जीसीसी अपने कैप्टिव टेक सेंटर स्थापित करने की योजना बना रहे हैं. ऐसे में कुल कर्मचारियों की संख्या अब 1.5 मिलियन से दोगुनी होकर 3.0-3.2 मिलियन हो जाने का अनुमान है क्योंकि बाजार का आकार 36 बिलियन डॉलर से बढ़कर 60 बिलियन डॉलर हो जाने का अनुमान है.

कोविड -19 के प्रकोप के बाद देश में जीसीसी बढ़ने लगे और इससे दूरस्थ कार्य करने के विचार के लिए संगठनों की संख्या में भी वृद्धि हुई. भारत के समृद्ध प्रतिभा पूल के साथ विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने तेजी से देश को एक रणनीतिक हॉटस्पॉट में बदल दिया है. भारत में जीसीसी में शीर्ष भर्तीकर्ता बीएफएसआई कंपनियां हैं. 

वित्तीय वर्ष 2022 में बीएफएसआई जीसीसी क्लस्टर नेट ने 60,000 से अधिक नौकरियों को जोड़ा, जो वित्तीय वर्ष के दौरान कुल शुद्ध परिवर्धन का लगभग एक-तिहाई है. अन्य शीर्ष क्षेत्रों में सॉफ्टवेयर, ऑटोमोटिव, फार्मा, रिटेल और तेल एवं गैस शामिल हैं. ET से बात करते हुए उपभोक्ता शोधकर्ता नीलसन आईक्यू के वैश्विक मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी मोहित कपूर ने कहा, "भारत एक बाजार के रूप में वाणिज्यिक दृष्टिकोण से बहुत आकर्षक है. इसमें प्रतिभा की गुणवत्ता और मात्रा दोनों के साथ सबसे बड़ी विश्वविद्यालय प्रणाली भी है. हमारे भारत के हब आगे चलकर हमारे लिए सामरिक लाभ के होंगे."

नीलसन 2023 के अंत तक चेन्नई, वडोदरा और पुणे में अपने तीन वैश्विक केंद्रों में देश में 5,000 से अधिक लोगों को नियुक्त करने की योजना बना रही है. इस बीच भारत की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए ड्यूश इंडिया के सीईओ दिलीप कुमार खंडेलवाल ने कहा, "भारत में बहुत गहरा प्रतिभा पूल है और इंजीनियरिंग और वित्त पृष्ठभूमि से बड़ी संख्या में संसाधन हैं." ड्यूश इंडिया की इस साल मुख्य रूप से अपनी प्रौद्योगिकी और संचालन टीमों में 3,000 लोगों को नियुक्त करने की योजना है.

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