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ITR Filing 2025: जान लें टैक्स कैलकुलेटर यूज करने की आसान की ट्रिक, बचेगा टाइम और पैसा

By अंजली चौहान | Updated: June 23, 2025 15:37 IST

ITR Filing 2025: आयकर कैलकुलेटर एक उपयोग में आसान ऑनलाइन टूल है जो आपकी आय के विवरण के आधार पर आपकी कर देयता की गणना करने में आपकी मदद करता है।

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ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले लोगों को अपना समय और पैसा बचाने के लिए टैक्स कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे टैक्स प्लानिंग काफी आसान हो जाती है। जिन लोगों को टैक्स कितान और कौन सा देना है इसके बाले में जानकारी नहीं है तो उनके लिए ये मददगार साबित होगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर मौजूद यह टूल आपको यह तय करने में मदद करता है कि आपके लिए पुराना टैक्स सिस्टम बेहतर रहेगा या नया, साथ ही यह भी कि आपकी टैक्स देनदारी कितनी रहने वाली है।

टैक्स कैलकुलेटर कहां मिलेगा

1- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, "टैक्स टूल्स" सेक्शन में जाएं। 

2- यहां दो कैलकुलेटर उपलब्ध हैं: एक सामान्य टैक्स कैलकुलेटर और दूसरा पुराना बनाम नया टैक्स व्यवस्था कैलकुलेटर। 

3- इन टूल्स का इस्तेमाल करके आप जान सकते हैं कि आपकी टैक्स देनदारी कितनी होगी और किस सिस्टम में आपको कितना फायदा मिलेगा।

टैक्स कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें

1- टैक्स कैलकुलेटर पर क्लिक करने के बाद कुछ जरूरी जानकारी भरनी होगी, जैसे कि आकलन वर्ष (2026-27), करदाता की श्रेणी (जैसे कि व्यक्ति, एचयूएफ, कंपनी आदि), आयु वर्ग (60 वर्ष से कम, 60-80 या 80 से ज़्यादा) और आवासीय स्थिति। 

2- इसके बाद अपनी कर योग्य आय दर्ज करें और कैलकुलेटर अपने आप आपकी कर देनदारी, अधिभार और उपकर जोड़कर कुल राशि दिखाएगा।

इन बातों का रखें ध्यान

वित्त वर्ष 2024-25 में पुरानी कर व्यवस्था में सेक्शन 87A के तहत ₹5 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगता है।

नई कर व्यवस्था में यह छूट सीमा ₹7 लाख है।

बजट 2025 में नई कर व्यवस्था में छूट सीमा बढ़ाकर ₹12 लाख कर दी गई है।

टैक्स कैलकुलेटर अधिभार और 4% स्वास्थ्य + शिक्षा उपकर भी जोड़ता है।

आखिरी स्क्रीन पर कुल कर देनदारी दिखाई देती है।

पुरानी या नई टैक्स सिस्टम कौन बेहतर है?

टैक्स कैलकुलेटर का दूसरा विकल्प आपको यह तुलना करने में मदद करता है कि पुरानी कर प्रणाली आपके लिए फायदेमंद है या नई। नई कर प्रणाली में कर स्लैब कम हो सकते हैं, लेकिन आप किसी भी निवेश या व्यय पर कर छूट का लाभ नहीं उठा सकते।

दूसरी ओर, पुरानी प्रणाली में कर की दरें अधिक हैं, लेकिन HRA, 80C, 80D जैसे अनुभागों में कटौती का लाभ मिलता है। करदाताओं को अपनी आय और निवेश प्रोफ़ाइल के आधार पर यह तय करना चाहिए कि उनके लिए कौन सी प्रणाली बेहतर है।

आईटीआर दाखिल करने से पहले टैक्स कैलकुलेटर का उपयोग करने से न केवल आपकी गणना सही होगी, बल्कि आपको देरी से रिफंड या टैक्स डिफॉल्ट जैसे जोखिमों से भी बचाया जा सकेगा। यह टूल उन करदाताओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो पूरे वर्ष निवेश, HRA या अन्य कटौती का दावा करना चाहते हैं।

टॅग्स :इनकम टैक्स रिटर्नआयकरमनीITR
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