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कश्मीर में विदेशी पर्यटकों की आमद पर कुठाराघात; अनंतनाग की जंग, कनाडा की एडवाइजरी के बाद चिंता में व्यापारी

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: September 20, 2023 15:12 IST

प्रशासन कहता है यह जी-20 की बैठक का नतीजा है। इस साल चाहे रिकार्ड तोड़ 1.27 करोड़ देसी पर्यटकों ने अभी तक जम्मू कश्मीर का दौरा किया है पर कश्मीरियों को सबसे ज्यादा खुशी विदेशी पर्यटकों के आने से हो रही है, चाहे विदेशी पर्यटकों की संख्या मुट्ठी भर ही है।

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ठळक मुद्देजी 20 के बाद यह दावा किया जाने लगा था कि कश्मीर में विदेशी टूरिस्टों की संख्या में 700 परसेंट बढ़ौतरी हुई है। ऐसा कई देशों द्वारा अपने नागरिकों पर कश्मीर जाने पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के कारण हुआ था।

जम्मू। कश्मीर में जी 20 सम्मेलन के बाद यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या के प्रति जो दावे किए जा रहे थे अब उस संभावनाओं पर दो कुठाराघात हुए हैं। पहला, 7 दिनों तक चली अनंतनाग की जंग जिसमें पहली बार आतंकी 3 बड़े अफसरों की जान लेने में कामयाब रहे। इसमें पहली बार युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों का इस्तेमाल हुआ था और दूसरी ओर अब कनाडा सरकार द्वारा अपने नागरिकों के लिए जम्मू कश्मीर जाना प्रतिबंधित किए जाने से। अमेरीका द्वारा पहले ही ऐसी एडवाइजरी जारी की जा चुकी है।

जी 20 के बाद यह दावा किया जाने लगा था कि कश्मीर में विदेशी टूरिस्टों की संख्या में 700 परसेंट बढ़ौतरी हुई है। असल में ऐसा कई देशों द्वारा अपने नागरिकों पर कश्मीर जाने पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के कारण हुआ था। पर अब यह खुशी नदारद होने लगी है। कारण स्पष्ट है। अनंतनाग में आतंकवाद के इतिहास की सबसे भयानक जंग, जिसमें एक ओर 3 आतंकी थे और दूसरी ओर 3 हजार जवान, ने कश्मीर के प्रति अन्य देशों की सरकारों का नजरिया फिर से बदल दिया है।

हालांकि अनंतनाग की मुठभेड़ से पहले यह कश्मीरियों के लिए वाकई खुशी के पल थे कि एक लंबे अरसे के बाद कश्मीर आने वाले विदेशी टूरिस्टों की संख्या में भारी उछाल आया था। प्रशासन कहता है यह जी-20 की बैठक का नतीजा है। इस साल चाहे रिकार्ड तोड़ 1.27 करोड़ देसी पर्यटकों ने अभी तक जम्मू कश्मीर का दौरा किया है पर कश्मीरियों को सबसे ज्यादा खुशी विदेशी पर्यटकों के आने से हो रही है, चाहे विदेशी पर्यटकों की संख्या मुट्ठी भर ही है। पर अभी अब कनाडा और अमेरीका द्वारा अपने नागरिकों पर जम्मू कश्मीर जाने पर लगाई गई पाबंदियों के कारण पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखी हैं।

अनंतनाग की जंग से पहले पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि इस बार सर्दियों में कश्मीर की खूबसूरती निहारने विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में आएंगे। पर अब ऐसी उम्मीद क्षीण होने लगी है। इसमें कनाडा द्वारा ताजा विवाद के बाद अपने नागरिकों को जारी की गई ताजा एडवाइजरी भी शामिल है जिसमें जम्मू कश्मीर को एक बार फिर सबसे खतरनाक इलाकों की सूची में डाल दिया गया है।

दरअसल अनंतनाग देशी व विदेशी पर्यटकों के लिए एक अहम स्थान रखता है जिसमें पहलगाम, अमरनाथ यात्रा, बेताब व अरू वैली जैसे पर्यटनस्थल शामिल हैं। अब इस इलाके में आतंकियों की मौजूदगी सबको डराने लगी है। पहलगाम में होटल चलाने वाले अब्दुल समद कहते थे कि पहलगाम के पहाड़ों पर ट्रैकिंग को आने वाले विदेशी पर्यटकों ने अब बुकिंगें कैंसिल करनी भी आरंभ कर दी हैं। जो कश्मीर के पर्यटन के लिए चिंता की बात है।

वैसे इस साल अभी तक कोई ज्यादा विदेशी पर्यटक कश्मीर नहीं आए। इनकी संख्या 18000 के लगभग है जो पिछले एक दशक में बहुज ज्यादा मानी जा रही है। हालांकि आने वाले कुल पर्यटकों की संख्या के मुकाबले यह आंकड़ा ऊंट के मुंह में जीरे के समान ही है। यह आंकड़ा जनवरी से अगस्त के अंत तक का है। पर वे देसी पर्यटकों की संख्या के आगे भारी इसलिए पड़ते थे क्योंकि जहां देसी पर्यटक 3 से 5 दिनों तक ही कश्मीर में रूकते थे तो विदेशी पर्यटक कम से कम दो सप्ताह और कभी कभी तीन महीने तक का कार्यक्रम बना कश्मीर की खूबसूरत वादियों का नजारा ले रहे हैं।

यही नहीं खर्च के मामले में भी विदेशी पर्यटक सबसे आगे माने जाते हैं। एक हाउसबेाट वाले रियाज अहमद के बकौल, देसी पर्यटकों का बजट कुछ भी नहीं होता है पर विदेशी पर्यटक जन्नत का नजारा लुटने को लूटने को भी तैयार रहते हैं।

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