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Budget 2024 Expectations Live Updates: भारतीय आबादी में बच्चे एक तिहाई से अधिक, क्या है बजट से उम्मीद, जानें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 22, 2024 12:42 IST

Budget 2024 Expectations Live Updates: कुल भारतीय आबादी में बच्चे एक तिहाई से अधिक हैं और उनमें निवेश करने से सामाजिक समानता को बढ़ावा मिल सकता है और गरीबी के दुष्चक्र को तोड़ा जा सकता है।

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ठळक मुद्देBudget 2024 Expectations Live Updates: स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में वृद्धि हुई और काफी शैक्षणिक नुकसान हुआ।Budget 2024 Expectations Live Updates: बच्चों को विकास से संबंधित विमर्श के केंद्र में रखने के महत्व पर जोर दिया।Budget 2024 Expectations Live Updates: केंद्रीय बजट मंगलवार को पेश किया जाएगा।

Budget 2024 Expectations Live Updates: केंद्र सरकार के बजट पेश करने से पहले बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और संगठनों ने सरकार से बच्चों को विकास संबंधी विमर्श के केंद्र में रखने और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा सेवाओं के लिए धनराशि बढ़ाने का आग्रह किया है। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार बाल-केंद्रित दृष्टिकोण के उनके आह्वान पर ध्यान देगी ताकि देश के सबसे युवा नागरिकों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और सुरक्षा मिलना सुनिश्चित हो सके। केंद्रीय बजट मंगलवार को पेश किया जाएगा।

‘चाइल्ड राइट्स एंड यू’ (सीआरवाई) की सीईओ पूजा मारवाहा ने बच्चों को विकास से संबंधित विमर्श के केंद्र में रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘कुल भारतीय आबादी में बच्चे एक तिहाई से अधिक हैं और उनमें निवेश करने से सामाजिक समानता को बढ़ावा मिल सकता है और गरीबी के दुष्चक्र को तोड़ा जा सकता है।’’

मारवाहा ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) से संबंधित बच्चों के लिए सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण दो जैसे स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों के लिए आवंटन बढ़ाने का आह्वान किया। मारवाहा ने शिक्षा के क्षेत्र में कोविड महामारी के कारण हुए नुकसान की ओर इशारा किया, जिसके कारण स्कूल छोड़ने वालों की संख्या में वृद्धि हुई और काफी शैक्षणिक नुकसान हुआ।

उन्होंने सरकार से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय बढ़ाने का आग्रह किया। ‘बाल रक्षा भारत’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुदर्शन सुचि ने शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और बाल संरक्षण सेवाओं के लिए वित्त पोषण में पर्याप्त वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के संस्थापक भुवन रिभु ने बाल विवाह को समाप्त करने और बाल यौन शोषण को रोकने के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि का आह्वान किया। 

टॅग्स :बजट 2024नरेंद्र मोदीNirmal Sitharamanchild
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