जम्मूः रेलवे के इतिहास में एक नया इतिहास रचा गया है। पहली वंदेभारत एक्सप्रेस जम्मू से सीधे श्रीनगर के लिए रवाना हुई। इसके साथ ही कश्मीर घाटी देश से सीधे जुड़ गई है। जल्द ही दिल्ली से कश्मीर के लिए सीधे ट्रेन भी चलेंगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर के लिए पहली सीधी 20-कोच वाली वंदे भारत ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई, जिससे कश्मीर घाटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ गई है। यह सीधी ट्रेन सेवा अब जम्मू और कश्मीर के बीच आधुनिक और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
श्रीनगर-जम्मू रेल सेवाओं के शुरू होने से यात्री अब बिना किसी रुकावट के सीधे श्रीनगर से जम्मू तक यात्रा कर सकेंगे। यह सीधी रेल सेवा एक भरोसेमंद, किफायती और हर मौसम में चलने वाला परिवहन विकल्प प्रदान करेगी, जिससे अक्सर बाधित होने वाले श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्भरता कम होगी, साथ ही पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उचित सिंघल के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों को विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करेगी। वे कहते थे कि इसमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए कवच सुरक्षा प्रणाली, जीपीएस-आधारित सूचना प्रणाली और आरामदायक घूमने वाली सीटों जैसी सुविधाएं हैं। यह सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी ज़बरदस्त बढ़ावा देगी।
श्रीनगर तक ट्रेन सेवा के विस्तार से न केवल स्थानीय यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि कश्मीर आने वाले पर्यटकों और वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा ज्यादा आसान और सुखद हो जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्री रेलवे काउंटरों पर या रेलवे की वेबसाइट के जरिए अपने टिकट बुक कर सकते हैं।
जम्मू हवाई जहाज से आने वाला कोई भी यात्री अब जम्मू तवी से वंदे भारत में सवार हो सकता है और उपमहाद्वीप के कुछ सबसे शानदार नजारों के बीच से गुजर सकता है, शिवालिक की तलहटियों से होते हुए, चिनाब और अंजी पुलों की इंजीनियरिंग के अजूबों को पार करते हुए, हिमालय की चट्टानों में बनी सुरंगों से गुजरते हुए, और श्रीनगर पहुंचकर डल झील, मुगल गार्डन और घाटी की मशहूर मेहमाननवाजी का अनुभव करने के लिए तैयार हो सकता है। न हाईवे पर देरी, न पहाड़ी रास्तों का डर, न ही मौसम की वजह से सड़कों के बंद होने की चिंता।
अधिकारियों के अनुसार, विशेष रूप से डिजाइन की गई वंदे भारत ट्रेन में पहली बार विंटराइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह शून्य से भी कम तापमान में भी आसानी से चल सकती है। भारतीय रेलवे में पहली बार, पानी की पाइपलाइनों को जमने से बचाने के लिए सेल्फ-रेगुलेटिंग हीटिंग केबल्स का इस्तेमाल किया गया है।
ये केबल्स बाहर के तापमान के हिसाब से अपनी गर्मी को अपने आप कम-ज्यादा करने में सक्षम हैं। ड्राइवर के केबिन के सामने लगे मुख्य विंडशील्ड में एक एम्बेडेड हीटिंग एलिमेंट लगाया गया है, ताकि कोहरे और बर्फबारी के दौरान विंडशील्ड पर धुंध न जमे, जिससे ड्राइवर को साफ दिखाई दे सके।
यही नहीं पटरियों से उछलने वाले पत्थरों (बैलास्ट) से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए, पानी की टंकियों के पास लगे न्यूमैटिक वाल्वों को स्टेनलेस स्टील के कवर से ढका गया है। इस वंदे भारत एक्सप्रेस में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे और साथ ही एक ऊर्जा-कुशल रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी लगाया गया है।
श्रीनगर से कटरा के बीच चलने वाली मौजूदा वंदे भारत सेवा (ट्रेन नंबर 26403/26404) का विस्तार भी अब जम्मू तक कर दिया गया है। ये सेवाएं हफ्ते में छह दिन (बुधवार को छोड़कर) चलेंगी, जिससे केंद्र शासित प्रदेश में रेल नेटवर्क और भी मजबूत होगा। इस विस्तार के साथ, बड़े शहरों से जम्मू आने वाले यात्री बिना किसी इंटरचेंज के सीधे कटरा और श्रीनगर तक यात्रा कर सकेंगे, जबकि घाटी के यात्रियों को एक ही यात्रा में राष्ट्रीय रेल नेटवर्क तक निर्बाध पहुंच मिलेगी।