नई दिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च, 2026 को असम, केरलम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधान सभाओं के आम चुनाव और 6 राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। आज मतदान खत्म हो गया। 4 मई को 4 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश में मगतणना की जाएगी। इन 5 राज्यों में 824 सीट हैं। पश्चिम बंगाल में 294 सीट और बहुमत के लिए 147 सीट की जरूरत है। तमिलनाडु में 234 सीट हैं और बहुमत के लिए 117 सीट की जरूरत है। केरलम में 140 सीट और बहुमत के लिए 71 विधायक चाहिए। असम में 126 सीट और बहुमत के लिए 63 सीट की जरूरत है। असम, केरलम, पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीट और बहुमत के लिए 15 सीट की जरूरत है। इन राज्यों में जमकर मतदान हुआ है।
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में (प्रथम चरण) मतदान 23 अप्रैल, 2026 को हुआ था। पश्चिम बंगाल में (द्वितीय चरण) मतदान 29 अप्रैल, 2026 (बुधवार) को खत्म हुआ। मतों की गिनती 4 मई, 2026 (सोमवार) को होगी।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135सी के अनुसार, किसी भी मतदान क्षेत्र में मतदान की समाप्ति तिथि से पहले के अड़तालीस घंटों की अवधि के दौरान, मतदान क्षेत्र के भीतर स्थित किसी भी होटल, भोजनालय, शराबखाने, दुकान या किसी अन्य सार्वजनिक या निजी स्थान पर मादक पेय, किण्वित या मादक पदार्थ या इसी प्रकार के अन्य पदार्थ बेचे, दिए या वितरित नहीं किए जा सकते।
आयोग यह भी निर्देश देता है कि जिस दिन मतगणना होनी है, यानी 4 मई, 2026 (सोमवार) को मतदान वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में संबंधित कानूनों के तहत 'ड्राई डे' घोषित किया जाए। उक्त दिनों में शराब की दुकानों, होटलों, रेस्तरां, क्लबों और शराब बेचने या परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों को किसी को भी शराब बेचने/परोसने की अनुमति नहीं होगी।
गैर-स्वामित्व वाले क्लब, स्टार होटल, रेस्तरां आदि और शराब रखने और आपूर्ति करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंस के तहत संचालित होटलों को इन दिनों शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी। उपरोक्त अवधि के दौरान व्यक्तियों द्वारा शराब के भंडारण पर रोक लगाई जाएगी और बिना लाइसेंस वाले परिसरों में शराब के भंडारण पर आबकारी कानून में दिए गए प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाएगा।