लाइव न्यूज़ :

ब्लॉग: प्राइवेट मिलिट्री की बगावत के बाद रूसी खतरे के वैश्विक संकेत

By लोकमत समाचार सम्पादकीय | Updated: June 26, 2023 15:30 IST

रूस में प्राइवेट मिलिस्ट्री के बगावत के बाद वैश्विक स्तर पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Open in App
ठळक मुद्देवैगनर समूह ने रूस से बगावत खत्म कर दी है प्रिगोझिन अब बेलारूस जाएंगे और रूस उन पर कोई मुकदमा नहीं चलाएगाइस बीच वैश्विक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं

रूस में प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर वैगनर समूह के बगावत से पीछे हटने के बाद फिलहाल यह माना जा सकता है कि खतरा टल गया है, लेकिन अभी यह अस्पष्ट है कि कितने दिन तक और किस तरह क्रेमलिन की चिंताएं कम रहेंगी।

शनिवार देर रात की खबरों के अनुसार ‘वैगनर’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने मॉस्को की तरफ कूच करने का अपना फैसला वापस ले लिया और रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डोन से उनके लड़ाके पीछे हट गए।

प्रिगोझिन अब बेलारूस जाएंगे और रूस उन पर कोई मुकदमा नहीं चलाएगा. यह बात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ता को संतोष दिला सकती है, किंतु हाल के महीनों में क्रेमलिन पर ड्रोन हमले हो चुके हैं, पश्चिमी रूस पर बमबारी भी हो चुकी है और उसके बाद हथियारबंद लड़ाकों ने रूस की राजधानी मॉस्को की तरफ कूच किया है, जिससे देश की दो दशक पुरानी सत्ता को तीसरी चुनौती मिली है।

 16 महीने पहले जो व्यक्ति यूक्रेन के साथ युद्ध छेड़ कर सारी दुनिया से बैर लेने के लिए तैयार हो जाता है और उसका मकसद अपने देश को सुरक्षित करना होता है, वह एक नहीं तीन बार अपने देश के भीतर ही झटके खाता है। 

साफ है कि यह खेल केवल एक प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रैक्टर का नहीं हो सकता है. इसके पीछे अनेक अंतर्राष्ट्रीय ताकतें भी हो सकती हैं। उनको पुतिन का विश्व के साथ टकराव फूटी आंख नहीं सुहा रहा है. यहां तक कि परमाणु हथियारों के उपयोग की धमकी बड़ी चिंता है।

इसी के बीच रूस के हालात अनियंत्रित होना केवल एक देश की ही बात नहीं है. उनसे चीन और भारत जैसे अनेक देश भी प्रभावित हो सकते हैं. चूंकि राष्ट्रपति पुतिन स्वयं खुफिया जगत से बाहर आकर अपने देश की जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं, इसलिए वह परदे के पीछे और आगे के हालात का अच्छी तरह से आंकलन कर सकते हैं. यह पेचीदा स्थिति है।

कोविड के बाद दुनिया के बिगड़े हालात के बीच नई परेशानी विश्व के लिए संकट बन सकती है. हालांकि ताजा स्थितियां रूस की कमजोरी को उजागर करती हैं और अंदरूनी खतरे से निपटने में सैन्य बलों की क्षमता को दर्शाती हैं।

 साथ ही पुतिन का सैन्य बल पर एकाधिकार कम होना भी दिखाती हैं. इस घटनाक्रम ने लोगों को चौंकाया है और चेताया भी है. इसमें भविष्य के संकेत हैं. खास तौर पर यूक्रेन युद्ध से रूस की जनता के सामने आ रही परेशानियों की ओर भी इशारा है इसलिए अब रूस को आंतरिक और बाह्य दोनों स्तर पर समझदारी दिखाते हुए मानवता की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।

कथित तौर पर रूस को सुरक्षित करने की कोशिशें बहुत हद तक सफल साबित नहीं हो रही हैं। अलबत्ता उनसे सारी दुनिया जरूर बेवजह परेशान हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। 

टॅग्स :रूसरूस-यूक्रेन विवादव्लादिमीर पुतिन
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द आजाद करो?, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में हरीश पर्वतनेनी ने कहा

विश्वअमेरिका को इतनी क्यों जंग पसंद है?, 250 वर्षों के इतिहास पर नजर डालें तो...

विश्वइस ड्रोन और उस ड्रोन में कितना फर्क है...!

विश्वRussia Plane Crash: रूसी सैन्य विमान क्रीमिया में क्रैश, 29 यात्रियों की गई जान, तकनीकी चूक का संदेह

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्व अधिक खबरें

विश्वX Down: मस्क का 'X' हुआ ठप, हजारों यूजर्स ने की लॉगिन और फीड में दिक्कत की शिकायत

विश्वक्या ईरान की नौसेना वाकई खत्म हो गई? डोनाल्ड ट्रंप के दावे ने बढ़ाई हलचल बोले, "जीत हमारे करीब है"

विश्वआर्टेमिस-2 : चांद पर नासा की नई उड़ान से जुड़े हैं कई मकसद

विश्व26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद का करीबी अमीर हमज़ा 'धुरंधर-स्टाइल' की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल, VIDEO

विश्वहाथ मिलाया, गले मिले: पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर पहुंचे ईरान, जानें क्यों खास है यह दौरा