लाइव न्यूज़ :

वेदप्रताप वैदिक का ब्लॉग: दिशा मामले में नेताओं के बीच मचा व्यर्थ का घमासान

By वेद प्रताप वैदिक | Updated: February 17, 2021 11:26 IST

पक्ष और विपक्ष के ये दोनों मत अतिवाद के द्योतक हैं. ऐसा लगता है कि उनका लक्ष्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है बल्कि एक-दूसरे की खिंचाई करना है. क्या भारत कांच का ढक्कन है, जो दिशा रवि के इन संदेशों से टूट जाएगा?

Open in App

देशद्रोह और अशांति भड़काने के आरोप में दिल्ली की पुलिस ने तीन लोगों पर अपना शिकंजा कस लिया है. बेंगलुरु की सामाजिक कार्यकर्ता युवती दिशा रवि को तो गिरफ्तार कर लिया गया है और निकिता जेकब और शांतनु को भी पुलिस जल्दी ही पकड़ने की फिराक में है.

इन तीनों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर षड्यंत्र किया और भारत में चल रहे किसान आंदोलन को भड़काया. इतना ही नहीं, इन्होंने स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग के भारत-विरोधी संदेश को इंटरनेट पर फैलाकर 26 जनवरी के लाल किला झंडा कांड को भी भड़काया.

दिल्ली पुलिस ने काफी खोज-पड़ताल करके कहा है कि कनाडा के एक खालिस्तानी संगठन ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ के साथ मिलकर इन लोगों ने यह भारत-विरोधी षड्यंत्र किया है. इस आरोप को सिद्ध करने के लिए पुलिस ने इन तीनों के बीच फोन पर हुई बातचीत, पारस्परिक संदेश तथा कई अन्य दस्तावेज खोज लिए हैं.

यदि पुलिस के पास ठोस प्रमाण होंगे तो निश्चय ही यह माना जाएगा कि यह अत्यंत आपत्तिजनक और दंडनीय घटना है. अदालत तय करेगी कि इन अपराधियों को कितनी सजा मिलेगी. इसमें तो कुछ समय लगेगा लेकिन इस घटना ने भारत के सत्तारूढ़ और विरोधी दलों के बीच घमासान मचा दिया है.

वे एक-दूसरे के खिलाफ इतने कटु और हास्यास्पद बयान जारी कर रहे हैं कि मुङो आश्चर्य होता है. भाजपा के लोग कह रहे हैं कि ये तीनों देशद्रोही हैं. इन्हें कठोरतम सजा मिलनी चाहिए. ये देश के टुकड़े-टुकड़े कर देंगे. इन्हीं की वजह से लाल किले का अपमान हुआ और 500 पुलिस वाले घायल हुए.

इधर कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी और शिव सेना के नेता इन लोगों के उस काम को बाल-बुद्धि का व्यतिक्रम बता रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि भाजपा और सरकार अब तानाशाह हो गई है और वह अभिव्यक्ति का गला घोंटने पर उतारू हो गई है.

पक्ष और विपक्ष के ये दोनों मत अतिवाद के द्योतक हैं. ऐसा लगता है कि उनका लक्ष्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है बल्कि एक-दूसरे की खिंचाई करना है. क्या भारत कांच का ढक्कन है, जो इन संदेशों से टूट जाएगा?

जहां तक ट्विटर पर ऊटपटांग संदेशों का सवाल है, उन पर नियंत्रण जरूरी है, लेकिन यह भी सत्य है कि इस तरह के मूर्खतापूर्ण संदेश तो अपनी मौत खुद मर जाते हैं. उनके लिए नेता लोग एक-दूसरे के साथ घमासान करें, यह जरा अटपटा-सा लगता है.

टॅग्स :दिशा रविभारतदिल्ली पुलिस
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्ट2 साल से चचेरे भाई से अवैध संबंध, भाई मेराज अली ने पैर पकड़ा और माता रबिया खातून-पिता मोहम्मद मनीर ने तकिये से मुंह दबा कर बेटी को मार डाला

क्राइम अलर्टसस्ते केमिकल से बन रहा था 'ब्रांडेड' टूथपेस्ट, पूरा मामला जानिए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

क्राइम अलर्ट3,50,000 रुपये दो काम हो जाएगा?, सीबीआई ने जंतर-मंतर स्थित एएसआई के उप-सर्किल में तैनात स्मारक परिचारक और संरक्षण सहायक को ऐसे धर दबोचा?

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर