लाइव न्यूज़ :

सारंग थत्ते का ब्लॉगः स्पेशल फोर्सेस डिवीजन गेमचेंजर पहल  

By सारंग थत्ते | Updated: May 18, 2019 12:34 IST

अब भारत सरकार ने भी एक दूर की सोच को काफी समय के बाद जमीन पर एहतियात से मूर्तरूप देने की योजना में पहला कदम उठाया है. भारतीय सेना के पास मौजूद स्पेशल फोर्सेस जिन्होंने अपने दमखम पर उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान के भीतर घुसकर सफलतापूर्वक आतंकवादी कैंपों को बर्बाद किया - एक बेहद मजबूत प्रदर्शन था.

Open in App

अप्रैल 1980 में तेहरान में अमेरिकन दूतावास के 52 कर्मचारियों को बंधक बना लिया गया था. अमेरिका ने अपने सबसे बेहतर स्पेशल फोर्सेस को इस किस्म की परिस्थिति से निपटने के लिए इस्तेमाल किया. कुल आठ हेलिकॉप्टर इस मिशन के लिए नामजद हुए, लेकिन सिर्फ पांच ही नियत स्थान डेल्टा वन पर पहुंच पाए. ऑपरेशन को बीच में ही छोड़ने का हुक्म हुआ. तब भी एक हेलिकॉप्टर दूसरे भारवाहक विमान से टकरा गया. इसमें नुकसान न सिर्फ जानमाल का हुआ लेकिन विश्व में अमेरिका की साख तुरंत गिर गई थी.    

जब इस ऑपरेशन की कमजोरी पर मंथन  किया गया तब तीन अहम बातें उभरकर कर सामने आईं- खराब योजना, त्नुटिपूर्ण कमांड संरचना, अपर्याप्त  प्रशिक्षण. अमेरिका ने इस हताशा के बाद  अपने विशेष दस्तों की संरचना के लिए कड़े कदम उठाए और 90 के दशक से अफगानिस्तान, मध्य-पूर्व और पृथ्वी के हर कोने में अपने स्पेशल फोर्सेस से अभूतपूर्व सफलता हासिल की है.

अब भारत सरकार ने भी एक दूर की सोच को काफी समय के बाद जमीन पर एहतियात से मूर्तरूप देने की योजना में पहला कदम उठाया है. भारतीय सेना के पास मौजूद स्पेशल फोर्सेस जिन्होंने अपने दमखम पर उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान के भीतर घुसकर सफलतापूर्वक आतंकवादी कैंपों को बर्बाद किया - एक बेहद मजबूत प्रदर्शन था. वायुसेना ने भी बालाकोट में अपने बमों से लैस मिराज 2000 लड़ाकू जहाजों से जो नुकसान पहुंचाया है वह तारीफ के काबिल है. 

जब देश की सीमा पर खतरे के बादल निरंतर मंडराते रहे हों, तब सेना को भी एकीकृत कमान संरचना के साथ अपनी कार्रवाई को अंजाम देना निहायत जरूरी निर्णय था. अब रक्षा मंत्नालय के अधीन थल सेना के स्पेशल फोर्सेस के पैरा कमांडो, नौसेना के मार्कोस ( मरीन कमांडो ) तथा वायुसेना के गरुड़ कमांडो को एक सूत्न में पिरोने के लिए एक नई इकाई का गठन किया गया है. तीनों सेनाओं की एकीकृत कमांडो यूनिट को एक साथ लाने के लिए रक्षा मंत्नालय ने देश में पहली बार स्पेशल फोर्सेस डिवीजन बनाने का निर्णय लिया है.

टॅग्स :भारतीय सेना
Open in App

संबंधित खबरें

भारतड्रोन और रडार तकनीक में नवाचार का मौका, वायुसेना ने मेहर बाबा प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण के लिए पंजीकरण किया आरंभ

भारतपहलगाम हमले के एक साल: पीएम मोदी ने दी पीड़ितों को श्रद्धांजलि, कहा- "भारत न झुकेगा, न डरेगा"

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतएस-400, मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, तोपें, गोला-बारूद, समेत 2.38 लाख करोड़ रुपये की रक्षा डील्स को मिली मंज़ूरी

भारतजम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों का खतरा मंडराया?, खुफिया सूचनाएं और अधिकारी कर रहे हैं दावा?

भारत अधिक खबरें

भारतNEET UG 2026 Admit Card OUT: मिनटों में डाउनलोड करने का पूरा तरीका

भारतAizawl Municipal Corporation Election Results: जेडपीएम ने 6 वार्ड जीते और 3 पर आगे, मतगणना जारी

भारतराज्यसभा सभापति ने आप के 7 सांसद को भाजपा में शामिल होने के प्रस्ताव को दी मंजूरी, उच्च सदन में बीजेपी के पास 113 एमपी?, केजरीवाल को बड़ा झटका

भारतन्यायमूर्ति स्वर्ण कांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूटी?, केजरीवाल ने पत्र लिख कर कहा- महात्मा गांधी सत्याग्रह के मार्ग का अनुसरण करूंगा, वीडियो

भारतकार में AC नहीं चलाते केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऐसा क्यों?, घर से निकलते समय जेब में प्याज लेकर चलो?, वीडियो