नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के चार सदस्यीय पैनल के एक्सपर्ट ने कार कंपनी वॉक्सवॉगन के खिलाफ भारत में हेल्थ को नुकसान पहुंचाने के लिए 171.34 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस सिफारिश को 24 दिसंबर 2018 को फाइल किया जा चुका है। इस रिपोर्ट के मुताबिक यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वॉक्सवॉगन की कारों ने साल 2016 में लगभग 48.678 तन का एनओएक्स निकाला है।
एनजीटी पैनल ने वॉक्सवॉगन की अन्य गाड़ियों पर बी स्वस्थ को नुकसान पहुंचाने का अनुमान लगाया है। पैनल ने बताया कि एनओएक्स की सांद्रता से अस्थमा का खतरा बढ़ता है। इसके साथ ही इससे सांस की अन्य बीमारियां उत्पन्न होती हैं। एनओएक्स गैस से स्मॉग और एसिड रेन बनाने के लिए भी जिम्मेदार है।
बता दें कि एनजीटी पैनल का गठन बीते वर्ष नवंबर में 2015 के वैश्विक उत्सर्जन घोटाले को देखते हुए किया गया है। इस दौरान कंपनी को जानबूझकर डीजल इंजनों को धोखा देने वाले उपकरणों के साथ अमेरिकी नियामक मानकों को पूरा करने के लिए दोषी पाया गया था।