लोकमत न्यूज़ महाराष्ट्र के लोकमत समूह से जुड़ा हुआ हिन्दी डिजिटल पब्लिशर है। लोकमत न्यूज़ देश-दुनिया की राजनीति, समाज, अर्थशास्त्र, टेक, गैज़ेट, ऑटो, खेल-कूद, क्रिकेट, कला, साहित्य-संस्कृति, मनोरंजन, रीति-रिवाज, खान-पान, विशेष उत्सव इत्यादि से जुड़े समाचार, फ़ीचर और वैचारिक लेख प्रकाशित करता है। भारत के उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने 14 दिसम्बर 2017 को नई दिल्ली में lokmatnews.in को लॉन्च किया। लोकमत न्यूज़ के लॉन्चिंग कार्यक्रम में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।Read More
नार्थ कोरिया के सुप्रीम कमांडर की खराब सेहत की खबरों के बीच सोमवार से राजधानी प्योंगयांग में स्टोरों से घरेलू सामान खरीदनें की होड़ मची हुई है. सूत्रों के हवाले से एनके न्यूज़ ने खबर में बताया है कि शहर में स्टोर्स खाली है और मुख्य सामानों की कमी देख ...
पाकिस्तान क्या भारत में कोरानावायरस से पीड़ित मरीज भेजने की तैयारी कर रहा है. क्या पाकिस्तान ऐसा करके जम्मू-कश्मीर के लोगों को कोरानावायरस से संक्रमित करना चाहता है. क्या ये कोरोना आतंकवाद है. ऐसा हम नहीं कह रहें ये एक बड़े जिम्मेदार अफसर की चिंताए ह ...
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को कोविड-19 के कारण देश में मरने वाले लोगों की संख्या 652 हो गई और संक्रमण के मामले 20471 पर पहुंच गए। मंत्रालय ने आगे बताया कि कोविड-19 के 15859 मरीजों का इलाज चल रहा है, 3,959 लोगों को ठीक होने के बाद ...
बिहार के जहानाबाद का एक वीडियो ट्विटर पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ बच्चे मेंढ़क भूनकर खाते दिखाई दे रहे हैं। नीतीश सरकार के सुशासन के दावों को चुनौती देते इस वीडियो को लोग बड़ी संख्या में शेयर कर रहे हैं और प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। क ...
रिलायस इंडस्ट्रीज के जियो प्लैटफॉर्म्स और दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के बीच एक बड़ी डील हुई है। फेसबुक ने जियो प्लैटफॉर्म में 9.99 पर्सेंट स्टेक के लिए 43,574 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। इस बड़ी डील के बाद फेसबुक अब जिय ...
यूं देखा जाए तो रोजा हर धर्म में किसी न किसी शक्ल में मौजूद है. इसे हर धर्म में अपने पूज्य को मनाने का प्रभावी तरीका माना गया है. इंसान अपनी नैसर्गिक इच्छाओं को दबाते हुए महज अपने पूज्य के लिए जब भूखा-प्यासा रहता है तो यह त्याग ईश्वरीय सत्ता को बहुत ...
इस पृथ्वी ने उपहार में हमें नदियां, समुद्र, वन, पर्वत, वायु, पशु-पक्षी, मिट्टी, औषधियां, वनस्पति, बादल सुखी और निरोगी रहने के लिए प्रदान किए हैं. प्रकृति द्वारा प्रदत्त सभी उपहारों से पूर्व में मनुष्य की आत्मीयता थी किंतु सभ्यता के बढ़ते चरणों ने मनु ...