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अमेरिकी राष्ट्रपति के उप-सहायक कर्ट कैंपबेल ने भारत को बताया 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार, कहा- सीमा पर चीन द्वारा उठाए गए कदम उकसाने वाले

By शिवेंद्र कुमार राय | Updated: March 31, 2023 18:28 IST

कर्ट कैंपबेल ने इस दौरान भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बारे में भी बात की और कहा कि सीमा पर चीन द्वारा उठाए गए कुछ कदम उकसाने वाले रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन ने वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी है जिससे चीन के लक्ष्य और महत्वाकांक्षा पर सवाल उठे हैं।

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ठळक मुद्देअमेरिकी राष्ट्रपति के उप सहायक कर्ट कैंपबेल ने भारत को उभरती ताकत बतायावैश्विक मंच पर हम भारत को प्रोत्साहित करना चाहते हैं - कर्ट कैंपबेलसीमा पर चीन द्वारा उठाए गए कुछ कदम उकसाने वाले रहे हैं - कर्ट कैंपबेल

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति के उप सहायक और भारत-प्रशांत क्षेत्र में समन्वयक कर्ट कैंपबेल ने कहा है कि 21वीं सदी में भारत -अमोरिका संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। कर्ट कैंपबेल ने शुक्रवार, 31 मार्च को सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी (CNAS) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि हमें उस भूमिका को समझने की जरूरत है जो भारत निभाएगा।

उन्होंने कहा, "भारत एक महान शक्ति है। भारत अमेरिका का साझीदार नहीं है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम करीबी सहयोगी नहीं होंगे। हमें उस भूमिका को समझने की जरूरत है जो भारत निभाएगा। वैश्विक मंच पर हम भारत को प्रोत्साहित करना चाहते हैं और इसका समर्थन करना चाहते हैं। हम भारत से अपने रिश्ते को और गहरा करना चाहते हैं जो पहले से ही काफी मजबूत है।"

कैंपबेल ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध "21वीं सदी में संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंध है।" एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में जुड़ाव में तेजी से वृद्धि हुई है। कर्ट कैंपबेल ने इस दौरान बताया कि दोनों देशों ने आईसीईटी नामक एक कार्यक्रम के दौरान हाल ही में एक महत्वपूर्ण चर्चा समाप्त की है जिसमें भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार  भारतीय प्रौद्योगिकीविदों के समूह के साथ शामिल हुए। इस दौरान बात हुई कि भारत और अमेरिका आगे बढ़ने वाले क्षेत्रों में भागीदार कैसे बनें।

कर्ट कैंपबेल ने इस दौरान भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बारे में भी बात की और कहा, "हमने पिछले पांच या दस वर्षों में जो देखा है, वह कार्रवाई की एक श्रृंखला है जिसने वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी है और जिसने चीन के लक्ष्य और महत्वाकांक्षा पर सवाल उठाए हैं।  मैंने भारत-चीन सीमा के बारे में बात करके शुरुआत की। इस विशाल सीमा पर चीन द्वारा उठाए गए कुछ कदम उकसाने वाले रहे हैं।"

बता दें कि भारत और अमेरिकी बीते कुछ सालों के दौरान बेहद मजबूत रणनीतिक साझीदार बनके उभरे हैं। दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारियों के आदान प्रदान के अलावा वैश्विक मंचों पर मजबूत भागीदारी को भी देखा जा सकता है। कथित रूप से चीन से निपटने के लिए बने संगठन क्वाड में भी भारत और अमोरिका अहम सदस्य हैं।

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