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ट्विटर की शीर्ष अधिवक्ता भारतवंशी गड्डे की अहम भूमिका थी ट्रंप के ट्विटर अकाउंट को बंद करने में

By भाषा | Updated: January 12, 2021 17:44 IST

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(योषिता सिंह)

न्यूयार्क, 12 जनवरी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित करने के अभूतपूर्व फैसले के पीछे इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट की शीर्ष अधिवक्ता भारतवंशी विजया गड्डे की भूमिका प्रमुख थी। यह फैसला अमेरिकी संसद भवन में निवर्तमान राष्ट्रपति के समर्थकों के हमले की घटना के बाद लिया गया था।

हैदराबाद में जन्मीं 45 वर्षीय गड्डे ट्विटर के कानून, लोक नीति एवं विश्वास तथा सुरक्षा की प्रमुख हैं।

शुक्रवार को गड्डे ने ट्वीट किया कि ट्रंप के अकाउंट को ‘‘और अधिक हिंसा के जोखिम को देखते हुए ट्विटर से स्थायी रूप से निलंबित किया जाता है’’।

जब ट्रंप का अकाउंट निलंबित किया गया उस वक्त उनके 8.87 करोड़ फॉलोवर थे तथा वह खुद 51 लोगों को फॉलो कर रहे थे।

गड्डे के ट्विटर प्रोफाइल के मुताबिक 2011 में इस कंपनी से जुड़ने से पहले वह अमेरिकी कंपनी जूनिपर नेटवर्क्स में वरिष्ठ विधिक निदेशक थीं। उन्होंने कैलिफोर्निया स्थित लॉ फर्म विल्सन सोन्सिनी गुडरिक एंड रोसाटी में करीब एक दशक तक काम किया था।

वह न्यूयार्क यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल के न्यासी बोर्ड में और वैश्विक मानवीय सहायता और विकास संगठन मर्सी कॉर्प्स के निदेशक मंडल में भी रह चुकी हैं।

गड्डे ने न्यूयार्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से ज्यूरिस डॉक्टर (जेडी) की डिग्री प्राप्त की थी। इससे पहले उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से बी.एससी. की थी।

वह बचपन में अपने माता-पिता के साथ अमेरिका आ गयी थीं और उनका अधिकतर बचपन टेक्सास और न्यूजर्सी में बीता।

मर्सी कॉर्प्स पर गड्डे के परिचय के अनुसार, ‘‘वह खाली वक्त में कथा साहित्य पढ़ते हुए मिल सकती हैं। उन्हें घूमना, खाना पकाना भी पसंद है।’’

जब ट्विटर के प्रमुख जैक डोर्सी ने 2019 में ट्रंप से मुलाकात की थी तो गड्डे उनके साथ ओवल दफ्तर में थीं। भारत में तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से मिलने पहुंचे डोर्सी के साथ वह भी थीं।

एक रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर मुख्यालय में गड्डे और डोर्सी एक दूसरे के पास वाले केबिन में बैठकर काम करते हैं।

ट्विटर के एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता कि जैक उनकी तरफ देखें और ‘ना’ कह दें।’’

द पोलिटिको के एक लेख के अनुसार ट्विटर के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि जब कुछ कंजर्वेटिव लोगों और ट्विटर के बीच द्वंद्व की स्थिति आती है तो जैक अध्यक्ष हैं जो आदेश देते हैं और विजया ज्वाइंट चीफ्स की प्रमुख होती हैं

राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक संबंधी ट्विटर के फैसले के संदर्भ में लेख में गड्डे के हवाले से लिखा है, ‘‘एक कंपनी के तौर पर हमारे लिए यह सही चीज है जो होनी चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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