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हत्यारों को सजा नहीं दे सके तो न्यायाधीश ने अदालत में खुद को मार ली गोली

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 7, 2019 16:21 IST

दक्षिणी प्रांत याला में न्यायाधीश खनाकोर्न पियानचाना ने पांच अभियुक्तों को आरोपों से बरी करने के बाद अदालत कक्ष में अपने सीने में गोली मार ली, जबकि इन आरोपों के आधार पर कम से कम तीन अभियुक्तों को मौत की सजा हो सकती थी।

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ठळक मुद्देइंटरनेट पर 25 पृष्ठों का एक ज्ञापन ऑनलाइन वायरल हो रहा है जिसे पियानचाना का लिखा बताया जा रहा है।इसमें आरोप लगाया गया है कि उनके वरिष्ठों ने उन पर दोषियों पर अपना फैसला बदलने का दबाव डाला था।

थाईलैंड के एक न्यायाधीश ने अपने वरिष्ठों पर फैसलों में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया।

दक्षिणी प्रांत याला में न्यायाधीश खनाकोर्न पियानचाना ने पांच अभियुक्तों को आरोपों से बरी करने के बाद अदालत कक्ष में अपने सीने में गोली मार ली, जबकि इन आरोपों के आधार पर कम से कम तीन अभियुक्तों को मौत की सजा हो सकती थी।

इंटरनेट पर 25 पृष्ठों का एक ज्ञापन ऑनलाइन वायरल हो रहा है जिसे पियानचाना का लिखा बताया जा रहा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उनके वरिष्ठों ने उन पर दोषियों पर अपना फैसला बदलने का दबाव डाला था। बताया जाता है कि यह दस्तावेज पियानचाना के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया है और साथ में एक छोटा वीडियो भी पोस्ट किया गया है, जिसमें यही आरोप दोहराये गये हैं।

अदालत के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने ऐसा निजी कारणों के चलते किया जबकि कुछ कानून विशेषज्ञों ने उनके इन आरोपों का समर्थन किया है कि न्यायपालिका में ऐसी जोड़-तोड़ की गतिविधियां होती रही हैं। 

जज ने आत्महत्या करने के प्रयास के पीछे के कारणों का भी खुलासा किया है। उन्होंने अपने एक फैसले में अपने सीनियरों के हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। इसने न्यायिक स्वतंत्रता और निष्पक्षता के बारे में सवालों को उजागर किया है। याला के दक्षिणी प्रांत में न्यायाधीश खानकॉर्न पियानाचाना ने शुक्रवार को अपने अदालत कक्ष(कोर्टरूम) में सीने में खुद को गोली मार ली। उन्होंने यह कदम पांच आरोपों में आरोपी साबित हुए लोगों को छोड़ने के बाद उठाई, जिसमें तीन की मौत हो सकती थी। 

थाईलैंड में जजों का ऐसा हाल देखकर कहा जा सकता है कि वहां न्याय व्यवस्था काफी खतरे में हैं। यह थाईलैंड की न्याय व्यवस्था की पोल खोलता है कि कैसे वहां जजों को गलत फैसले लेने के लिए मजबूर किया जाता है।

एक बयान में जज ने कहा, 'इस समय मेरी तरह ही कई और जज भी ऐसी ही दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। मैं अपने कर्तव्यों के खिलाफ काम नहीं कर सकता। मैं इससे अच्छा मरना पसंद करूंगा, ऐसा जीवन जिसमें सम्मान ना हो।

लेकिन थाईलैंड ऑफिस के एक अधिकारी ने इस मामले पर अलग ही बयान दिया है।थाईलैंड ऑफिस की ओर से बयान दिया गया कि जज ने अपनी निजी समस्याओं की वजह से आत्महत्या का प्रयास किया। जिस वजह से वो काफी तनाव में थे।

टॅग्स :थाईलैंडकोर्ट
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