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विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों को देश के प्रति पूरी तरह वफादार रहना चाहिए?, दत्तात्रेय होसबाले ने कहा-संघ के मूल्यों को अपने तरीकों से आगे बढ़ाते हैं पीएम मोदी

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: April 25, 2026 13:03 IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आरएसएस के मूल्यों को अपने अनूठे तरीकों से आगे बढ़ाते हैं और संगठन के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं।

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ठळक मुद्देप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की संप्रभुता अमेरिका को सौंप दी है। केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने पद पर बने रहने का अधिकार खो दिया है।

वाशिंगटन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों को उस देश के प्रति पूरी तरह वफादार रहना चाहिए जहां वर्तमान में वे रह रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आरएसएस के मूल्यों को अपने अनूठे तरीकों से आगे बढ़ाते हैं और वह संगठन के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं।

कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता राम माधव के अमेरिका में दिए एक बयान को लेकर शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की संप्रभुता अमेरिका को सौंप दी है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने पद पर बने रहने का अधिकार खो दिया है।

कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मूल रूप से भारत की अवधारणा (आइडिया ऑफ इंडिया) से अलग है और वह अपने "दिखावटी राष्ट्रवाद" के बावजूद विदेश में अपनी स्वीकार्यता चाहता है। कांग्रेस ने आरएसएस पर उस वक्त निशाना साधा जब एक दिन पहले ही संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अमेरिका में एक कार्यक्रम में कहा था कि यह संगठन अमेरिकी श्वेत वर्चस्ववादी समूह "कु क्लक्स क्लैन" का भारतीय संस्करण नहीं है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता राम माधव के अमेरिका में दिए एक बयान को लेकर शनिवार को दावा किया कि यह संगठन असल में ‘‘राष्ट्रीय सरेंडर संघ’’ है और उसके नेता ने ही उसे बेनकाब कर दिया है। अमेरिका के ‘हडसन इंस्टिट्यूट’ में एक कार्यक्रम में माधव ने पिछले दिनों कहा था, ‘‘भारत ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गया।

अपने विपक्ष की आलोचना के बावजूद हम रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए, भारत ने बिना अधिक कुछ कहे 50 फीसद टैरिफ पर भी सहमति दे दी, तो फिर भारत अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए कहां पर्याप्त कोशिश नहीं कर रहा है।’’

टॅग्स :आरएसएसBJPनरेंद्र मोदीमोहन भागवतअमेरिकादत्तात्रेय होसबाले
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