लाइव न्यूज़ :

अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए देश में और इसके आस-पास शांति होना आवश्यक है: जयशंकर

By भाषा | Updated: March 30, 2021 15:21 IST

Open in App

दुशांबे, 30 मार्च भारत ने मंगलवार को रेखांकित किया कि युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए देश के भीतर और इसके आस-पास शांति होना आवश्यक है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में यहां नौवें ‘हार्ट ऑफ एशिया’ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए इस बात को रेखांकित किया कि अफगानिस्तान में शांति के लिए देश के भीतर और इसके आस-पास सभी के हित समान होने आवश्यक हैं।

जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए हमें सच्चे अर्थों में ‘दोहरी शांति’ यानी अफगानिस्तान के भीतर और इसके आस-पास शांति की आवश्यकता है। इसके लिए देश के भीतर और इसके आस-पास सभी के हित समान होने आवश्यक हैं।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘यदि शांति प्रक्रिया को सफल बनाना है, तो यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि वार्ता कर रहे पक्ष अच्छी नीयत के साथ और किसी राजनीतिक समाधान तक पहुंचने के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता के साथ बातचीत करें।’’

जयशंकर ने कहा, ‘‘हम आज एक ऐसा समावेशी अफगानिस्तान बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो दशकों के संघर्ष से पार पा सके, लेकिन ऐसा तभी संभव होगा, यदि हम उन सिद्धांतों के प्रति ईमानदार रहें, जो हार्ट ऑफ एशिया का लंबे समय से हिस्सा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सामूहिक सफलता भले ही आसान नहीं हो, लेकिन इसका विकल्प केवल सामूहिक असफलता है।’’

इस सम्मेलन में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी भाग लिया।

जयशंकर ने ‘हार्ट आफ एशिया-इस्तांबुल’ प्रक्रिया के नौवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में कहा, ‘‘हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जो न केवल अफगानिस्तान के लोगों के लिये बल्कि हमारे वृहद क्षेत्र के लिये भी महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान और इस वृहद क्षेत्र में जो कुछ घटित हो रहा है, उसे देखते हुए हमें ‘हार्ट आफ एशिया’ शब्दावली को हल्के में नहीं लेना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ एक स्थिर, सम्प्रभु और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान वास्तव में हमारे क्षेत्र में शांति एवं प्रगति का आधार है।’’

विदेश मंत्री ने कहा कि इसलिये सामूहिक रूप से यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यह आतंकवाद, हिंसक कट्टरपंथ, मादक पदार्थों एवं आपराधिक गिरोहों से मुक्त हो ।

उन्होंने अफगानिस्तान में स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि वादे चाहे जो भी किये गए हों, लेकिन हिंसा एवं खून-खराबा दैनिक वास्तविकता हैं और संघर्ष में कमी के काफी कम संकेत दिख रहे हैं ।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में आम लोगों को निशाना बनाकर उनकी हत्या किए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं और 2019 की तुलना में 2020 में नागरिकों की मौत के मामलों में 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘2021 में भी स्थिति बेहतर नहीं हुई है। अफगानिस्तान में विदेशी लड़ाकों की मौजूदगी खास तौर पर परेशान करने वाली है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे में हार्ट आफ एशिया के सदस्यों एवं इसका समर्थन करने वाले देशों को हिंसा में तत्काल कमी लाने के लिये दबाव बनाने को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि स्थायी और समग्र संघर्षविराम हो सके।

जयशंकर ने कहा कि भारत अंतर अफगान वार्ता सहित अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में सभी तरह के प्रयासों का समर्थक रहा है।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में स्थायी एवं समग्र संघर्ष विराम तथा सच्चे अर्थो में राजनीतिक समाधान की दिशा में किसी भी कदम का स्वागत करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत परिवर्तन के इस दौर में अफगानिस्तान का पूरी तरह से समर्थन करने को प्रतिबद्ध है। अफगानिस्तान के विकास में हमने तीन अरब डॉलर का योगदान दिया है।’’

जयशंकर ने पिछले सप्ताह कहा था कि भारत स्पष्ट रूप से ऐसा सम्प्रभु, लोकतांत्रिक और समावेशी अफगानिस्तान देखना चाहता है जो अपने देश के अल्पसंख्यकों का ख्याल रखता हो।

उन्होंने कहा था, ‘‘शांति और मेल-मिलाप की एक प्रक्रिया होती है और सभी यह कह रहे हैं कि तालिबान प्रयास कर रहा है और बदल रहा है। फिलहाल इंतजार करते हैं, फिर देखते हैं।’’

जयशंकर के, यात्रा के दौरान सम्मेलन से इतर अन्य देशों के नेताओं से मिलने की संभावना है।

तालिबान और अफगानिस्तान सरकार 19 साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए सीधे वार्ता कर रहे हैं। इस युद्ध में हजारों लोगों की जान चली गई और देश के कई हिस्से तबाह हो गए। भारत अफगानिस्ताान में शांति एवं स्थिरता के प्रयासों में बड़ा भागीदार रहा है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतपिता अजीत पवार की गुलाबी जैकेट पहनकर पार्थ पवार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली, वीडियो

भारतVIDEO: 'क्या आपकी लैंग्वेज अनपार्लियामेंट हो गई है?' ये सवाल पूछे जाने पर हिमंत बिस्वा सरमा ने 'लल्लनटॉप' के रिपोर्टर को झाड़ा, दोनों के बीच हुई बहस

कारोबारबरसात और ओलावृष्टि से 2 करोड़ किसान प्रभावित?, आपदाग्रस्त घोषित करने की तैयारी कर रही योगी सरकार

क्राइम अलर्टप्रेमी-प्रेमिका को खंभे से बांधकर लाठियों से पीटा, गालियां दी और सरेआम किया अपमानिन, स्थानीय वार्ड सदस्य की भूमिका अहम?

भारत9100000 मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए?, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- सत्ता के लिए बीजेपी पागल हुई?, चुनाव हम ही जीतेंगे

विश्व अधिक खबरें

विश्वईरान युद्धविराम में पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका पर उठे सवाल, नेताओं को किया गया ट्रोल

विश्वUS-Iran Ceasefire: लेबनान हमले का पलटवार, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद करेगा ईरान! भड़का अमेरिका

विश्वइस युद्धविराम के आखिर मायने क्या हैं...?

विश्वलेबनान में इजरायली हमला, 254 लोगों की मौत और 700 घायल, युद्धविराम के बावजूद अटैक जारी?

विश्वइजरायल ने किया अमेरिका के सीजफायर का समर्थन, मगर हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग रहेगी जारी