लाइव न्यूज़ :

मालदीव संकट: इमरजेंसी लगाने वाले राष्ट्रपति ने चीन, पाकिस्तान और सऊदी अरब में भेजे दूत, की भारत की अनदेखी

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: February 8, 2018 11:17 IST

अब्दुल्ला यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवमानना करते हुए देश में 15 दिन के लिए आपातकाल लगा दिया है। यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश समेत कई जजों को गिरफ्तार करवा दिया है।

Open in App

गंभीर राजनीतिक संकट के बीच मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने बुधवार (सात फरवरी) को चीन, पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों में अपने दूत भेजे। यामीन ने भारत इत्यादि देशों में दूत नहीं भेजा है। यामीन के कार्यालय ने मीडिया को जानकारी दी कि ये दूत "मालदीव के मित्र देशों" में भेजे गये हैं ताकि वो "मौजूदा हालात" की जानकारी दे सकें। 

अब्दुल्ला यामीन ने मालदीव में 15 दिनों के लिए आपातकाल लगा दिया है। मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने यामीन के खिलाफ महाभियोग का मामला चलाने और राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का आदेश दिया था जिसे मानने से उन्होंने इनकार कर दिया। यामीन ने उनके खिलाफ फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद समेत कई न्यायिक अधिकारियों को गिरफ्तार करवा दिया है।

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक लेख में भारत सरकार से मदद करने की अपील करते हुए लोकतंत्र के हित में शांति सेना भेजने की माँग की है। भारत सरकार ने मंगलवार (छह फरवरी) को जारी किए गये एक बयान में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना और आपातकाल लगाए जाने को "चिंतित करने वाला" बताया। भारत ने अभी तक पूर्व राष्ट्रपति नशीद की अपील का कोई जवाब नहीं दिया है।

मालदीव संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने कहा कि बाहरी हस्तक्षेप से मालदीव की स्थिति और जटिल होगी। माना जा रहा है कि चीन का बयान भारत के लिए संकेत था। मालदीव पुलिस ने प्रधान न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद और न्यायमूर्ति अली हमीद को गिरफ्तार कर लिया। राष्ट्रपति यामीन द्वारा लगाए गये आपातकाल का विरोध करने वाले और विपक्षी पार्टियों से साथ हाथ मिलाने वाले पूर्व राष्ट्रपति मामून अब्दुल गयूम को भी सोमवार (पाँच फरवरी) रात को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार होने से पहले गयूम ने एक वीडियो रिलीज कर लोगों से 'मजबूत बने रहने' का आग्रह किया था। उनके दामाद मोहम्मद नदीम को भी गिरफ्तार किया गया है। 

भारत, चीन और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों के लिए मालदीव की यात्रा के संबंध में चेतावनी जारी की है। ब्रिटिश विदेश सचिव बोरिस जॉनसन ने यामीन से देश में आपातकाल हटाने की मांग की है। जॉनसन ने अपने बयान में कहा कि मालदीव में लोकतांत्रिक संस्थान को क्षति पहुंचाना और संसदीय प्रकिया का दुरुपयोग काफी चिंताजनक है।

टॅग्स :मालदीवविश्व समाचारनरेंद्र मोदीबीजेपी
Open in App

संबंधित खबरें

भारतईमानदारी के अभाव में शातिर बन जाती है समझदारी

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

भारतक्या बीजेपी में शामिल होंगे रेवंत रेड्डी? तेलंगाना सीएम को लेकर निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी के बयान ने मचाई सनसनीखेज

विश्व अधिक खबरें

भारत"सरकार हर आयोजन को सड़क पर करा रही है": सड़कों पर नमाज को लेकर सीएम योगी पर अखिलेश का पलटवार

भारतUjjain: श्री महाकाल मंदिर सभा मंडप में सफाई कर्मी महिला को कुत्ते ने काटा

भारत'चंद दिनों के बलात्कार और दुष्कर्म के चंद आंकड़े दे रहा हूँ': नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंकड़े जारी कर सम्राट सरकार पर बोला तीखा हमला

भारतविकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भारत2020 Delhi riots case: अदालत ने बीमार माँ की देखभाल के लिए उमर खालिद को अंतरिम ज़मानत देने से किया इनकार