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राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आह्वान पर चीनी कारोबारी अरबों-खरबों करेंगे दान, जानिए पूरा माजरा

By विनीत कुमार | Updated: August 31, 2021 14:29 IST

चीन में हाल के दिनों में बड़े उद्योगगतियों के सामाजिक कार्यों के लिए दान देने की प्रवृति बढ़ी है। इसे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खुश करने का प्रयास माना जा रहा है।

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बीजिंग: अलीबाबा के संस्थापक जैक मा का नाम दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में शुमार है। चीन में उनके गृह नगर हांगझू में मौजूद उनके विशाल घर की चर्चा भी होती रही है।

चीन सरकारी सेवा से रिटायर एक शख्स के अनुसार जैक मा के इस परिसर का उपनाम 'हाफ ऑफ मा सिटी' है। इस शख्स ने अलीबाबा के साथ दस वर्षों से अधिक समय तक काम किया है। 

उन्होंने कहा कि जैक मा की जो संपत्ति मौजूद है, इसमें से कुछ खरीदी गई थी तो वहीं कुछ दान के परिणामस्वरूप सरकार से भी उपहार के तौर पर मिली हैं।

दरअसल वर्षों से चीन के कई जाने-माने उद्योगपति बड़े स्वरूप के तौर पर देखे जाते रहे हैं।। हांगकांग में विक्टोरिया पीक से लेकर लंदन में केंसिंग्टन पैलेस गार्डन और न्यूयॉर्क के अपर ईस्ट साइड तक, इन बड़े उद्योगपतियों के पास दुनिया की सबसे महंगी संपत्तियों पर मालिकाना हक रखा हुआ है।

कई चीनी उद्योगपतियों ने तो इंग्लिश फुटबॉल क्लबों से लेकर हॉलीवुड स्टूडियो और अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्रों तक में अपना शेयर रखा है।

हालांकि अब जैक मा सहित कई अरबपति दान और सार्वजनिक खर्चों के जरिए सामाजिक कार्यों में अपनी रूचि दिखाने के मिशन में जुट रहे हैं।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खुश करने की कोशिश

हाल के महीनों में बड़े चीनी उद्योगपतियों की ओर से दान की प्रवृति बढ़ी है। ऐसे में अरबों डॉलर कॉर्पोरेट खजाने सहित व्यक्तिगत बैंक खातों से राज्य से संबंधित कामों के लिए दिए जा रहे है। माना जा रहा है कि देश के सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली व्यापारिक अभिजात वर्ग का चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खुश करने का ये प्रयास हो सकता है।

हालांकि, ये प्रवृति उस समय बढ़ी है जब चीनी उद्योगपतियों के बीच ये चर्चा भी जोरो पर है कि सरकार का नियंत्रण और बढ़ सकता है।

हाल में चीनी सरकार ने राजनीतिक प्रतिबंधो और नियामकों को कड़ा किया है जिसके बाद देश की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के वैल्यू में अरबों डॉलर की कटौती हुई है और इनके संस्थापकों की व्यक्तिगत संपत्ति भी प्रभावित हुई है।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने हाल में देश में धन के पुनर्वितरण पर ध्यान तेज कर दिया है। शी जिनपिंग ने भी 'अत्यधिक उच्च आय' के लिए कड़े नियमों की बात कही है और उच्च आय अर्जित करने वालों को 'समाज में अधिक लौटने' के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

चीनी उद्योगपति कर रहे हैं बड़ी-बड़ी घोषणाएं

पिछले हफ्ते शी जिनपिंग की टिप्पणियों के बाद चीन के सबसे बड़े सोशल मीडिया, गेम्स और फिनटेक समूहों में से एक टेंसेंट ने घोषणा कर दी है कि 7.7 बिलियन डॉलर को सामाजिक कार्यों के लिए अलग करेगा।

इस हफ्ते चीन के सबसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों में से एक, पिंडुओडुओ के प्रबंध निदेशक चेन लेई ने देश में कृषि आधुनिकीकरण और ग्रामीण क्षेत्र के पुनरोद्धार के लिए कंपनी के भविष्य के मुनाफे में से 1.5 बिलियन डॉलर का योगदान करने की बात कही।

इसके अलावा भी कई बड़ी चीनी कंपनियों ने ऐसी घोषणाएं की हैं। हेनान में बाढ़ के बाद अलीबाबा और राइड शेयरिंग ग्रुप दीदी (Didi) समेत तकनीकी कंपनियों के लाखों डॉलर का दान दिया।

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