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बाइडन प्रशासन में कैबिनेट स्तर के मंत्रियों की पहली जापान यात्रा में चीन पर चर्चा की उम्मीद

By भाषा | Updated: March 15, 2021 17:35 IST

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तोक्यो, 15 मार्च (एपी) अमेरिका में जो बाइडन के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद पहली बार दो अमेरिकी मंत्री जापान की यात्रा पर अपने जापानी समकक्षों से आमने-सामने की वार्ता करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान वार्ता के केंद्र में क्षेत्र में बढ़ते चीन के प्रभाव से जुड़ी चिंताए होंगी।

अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन सोमवार को यहां पहुंच गए जबकि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन बाद में बैठक के लिए जापान की राजधानी पहुंचेंगे। बैठक में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुनकमिजाजी भरे व्यवहार के मद्देनजर वे क्षेत्र और दोनों देशों के गठबंधन के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को दोहराएंगे।

दोनों अमेरिकी मंत्री ‘टू प्लस टू’ वार्ता के तहत मंगलवार को जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और रक्षा मंत्री लोबुओ किशी के साथ राजनयिक और सुरक्षा वार्ता करेंगे।

वाशिंगटन पोस्ट में सोमवार को प्रकाशित लेख में ब्लिंकन और ऑस्टिन ने कहा, ‘‘अमेरिका अपने मित्रों और साझेदारों के साथ संबंधों में नई जान फूंकने के लिए बड़ी पहल कर रहा है। यह द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संस्थाओं के साथ संबंध, दोनों में ही हो रहा है। हम अपने साझा लक्ष्यों, मूल्यों और जिम्मेदारियों को लेकर प्रतिबद्धताओं को दोहराते हैं।’’

दोनों मंत्रियों ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को खुला रखने के अमेरिका और अन्य के साझा मूल्य एवं सिद्धांत होने के बावजूद ‘‘चीन बलपूर्वक इस इलाके पर अपना प्रभाव बनाने की इच्छा रखता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार फिर देखेंगे कि हमारे साझेदारों के साथ काम करना कितना महत्वपूर्ण है।’’

ब्लिंकन और ऑस्टिन ने लिखा कि अमेरिकी सैन्य ताकत को बरकरार रखते हुए अमेरिका कूटनीति के साथ आगे बढ़ेगा और अपने साझेदारों के साथ नयी शुरुआत करेगा व सुनिश्चित करेगा कि हमारे समय के खतरों के निदान एवं अवसरों के लिए ये उपयुक्त हो।’’

उन्होंने कहा कि वे मिलकर चीन को उसके मानवाधिकार उल्लंघन, शिनजियांग, तिब्बत के साथ-साथ हांगकांग एवं ताइवान और अन्य समस्याओं के लिए जवाबदेह बना सकेंगे।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका की वापसी के इरादे का संकेत देते हुए बाइडन ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत के नेताओं के साथ डिजिटल माध्यम से बैठक की थी और क्षेत्र के लिए वाशिंगटन की प्रतिबद्धताओं पर जोर दिया था। इसे ‘क्वाड’ नाम से जाना जाता है जिसका सदस्य अमेरिका भी है।

बाइडन प्रशासन के कैबिनेट स्तर की पहली विदेश यात्रा के दौरान ब्लिंकन और ऑस्टिन कोरोना वायरस महामारी, जलवायु परिवर्तन, उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु खतरा और म्यांमा में सैन्य तख्तापलट के बाद के हालात पर चर्चा कर सकते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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