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कनाडा के बाद अमेरिका में 96 गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों के प्रवेश पर रोक

By ऐश्वर्य अवस्थी | Updated: January 9, 2018 09:42 IST

अमेरिका के इन गुरुद्वारों में अब भारतीय अधिकारी नगर  कीर्तन या धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाएंगे।

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कनाडा के बाद अब अमेरिका के 96 गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों के घुसने पर रोक लगा दी है। यह फैसला अमेरिका के सिख के-ऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ ईस्ट कोस्ट (SCCEC) और अमेरिकी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (APGC) ने  लिया है। इस फैसले के बाद अब गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारी अब नगर  कीर्तन या धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाएंगे। अमेरिका में रोक से पहले कनाडा और यूके भी गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगाई जा चुकी है।

गुरुद्वारे में प्रवेश करने पर होगी कार्यवाही

सिख को-ऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ ईस्ट कोस्ट और अमेरिकी गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी अमेरिका में सबसे बड़े गुरुद्वारा ऑर्गनाइजेशन होने का दावा करते हैं। अमेरिका में सिखों के ग्रुप सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने भी इस फैसले का समर्थन भी किया है। एसएफजे के लीगल एडवाइजर गुरपतवंत सिंह पन्नन ने बताया है, जो भारतीय अधिकारी इस बैन के खिलाफ जाकर गुरुद्वारों में एंट्री करेगा, उनके खिलाफ कानून कार्रवाई होगी।भारत सरकार के किसी भी अधिकारी या प्रतिनिधि को अमेरिका के गुरुद्वारों में किसी भी धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने की अनुमति नहीं है।

विदेशी सिखों की दलील जायज 

कमेटी अध्यक्ष मंजीत सिंह जी.के. ने कहा कि प्रवासी सिखों द्वारा रोक लगाने के पीछे दी गई ज्यादातर दलीलों को हम खारिज नहीं कर सकते। इसमें 1984 सिख दंगों का इंसाफ, पंजाब के पानी का बंटवारा, फर्जी पुलिस मुकाबले, सिखों को आंतकवादी बताकर जेलों में डालना तथा सजा पूरी होने के बावजूद सिख कैदियों की रिहाई ना करना आदि कई मसले हैं, जिनके हल के प्रति सरकारों का रवैया समय गुजारना वाला लगता है। 

क्यों लगाई गई रोक

जून 1984 में श्री हरमंदर साहिब (गोल्डन टेंपल) समेत 40 अन्य गुरुद्वारों हुए सैन्य आक्रमण के लिए भारतीय अधिकारी भी जिम्मेदार थे। इन अधिकारियों की वजह से सिख समुदायों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। साथ ही भारतीय अधिकारी सिख परिवारों के धार्मिक कार्यों में दखलअंदाजी करते हैं। जिस कारण से उनकी एंट्री को लेकर यह फैसला लिया गया है।

कनाडा व यूके में भी लग चुकी है रोक

अमेरिका से पहले कनाडा भी भारतीय अधिकारियों को लेकर ऐसा कर चुका है।  कनाडा ने 14 गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों के घुसने पर बैन लगाया था। इसके अलावा यूके के करीब 60 गुरुद्वारों में भी भारतीय अधिकारियों को नहीं घुसने देने का फैसला लिया था। ब्रिटेन में 100 के करीब गुरुद्वारे हैं और इनमें से 60-70 के लगभग गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटियों ने इस घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। 

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