लाइव न्यूज़ :

जन्माष्टमी 2019 शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम

By प्रतीक्षा कुकरेती | Updated: August 22, 2019 12:33 IST

Open in App
हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के 8वें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मदिवस को ' जन्माष्टमी' के रूप में मनाया जाता है। श्रावण माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि को ही भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए मथुरा में जन्म लिया था। उनके आगमन दिवस की खुशी में ही हर साल इस तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।हिन्दू धर्म में साल भर में कुल 3 तीज आती हैं - हरतालिका तीज, हरियाली तीज और कजरी (कजली) तीज. इन सभी तीज पर सुहागन (और कई बार कुंवारी कन्याएं भी) स्त्रियां व्रत करती हैं और भगवान से अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं. व्रत के दौरान विशेष नियमों का पालन किया जाता है और शाम को पूजा के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है.
टॅग्स :जन्माष्टमी
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठKrishna Janmashtami 2025: आज बिल्कुल न करें ये गलतियां, वरना जन्माष्टमी की पूजा मानी जाएगी अधूरी

पूजा पाठKrishna Janmashtami 2025: क्यों लड्डू गोपाल का खीरे में से कराया जाता जन्म? जन्माष्टमी की रात क्यों निभाई जाती है ये परंपरा, जानें यहां

भारतDelhi Traffic Advisory: जन्माष्टमी पर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, इस्कॉन मंदिर मार्ग पर पाबंदी; रूट डायवर्जन लागू

पूजा पाठJanmashtami 2025: आज सुने भगवान कृष्ण के ये भजन और गाने, भक्ति में डूब जाएंगे आप

पूजा पाठJanmashtami 2025: क्या आप जानते हैं भगवान कृष्ण की असली आयु? पढ़ें लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव की कहानी

पूजा पाठ अधिक खबरें

पूजा पाठGuru Nakshatra Parivartan 2026: अप्रैल में इन 5 राशिवालों का शुरू होगा गोल्डन पीरियड, मोटी कमाई की उम्मीद

पूजा पाठPanchang 04 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 04 April 2026: कुंभ राशिवालों को अचानक धनलाभ मिलने की संभावना, जानें सभी राशियों का फल

पूजा पाठGrah Gochar April 2026: अप्रैल में 4 राशिवालों के लिए बनेंगे कई राजयोग, ये ग्रह गोचर दे रहे हैं शुभ संकेत

पूजा पाठPanchang 03 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग