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भारत की इन 9 जगहों पर आप ले सकते हैं होली का असली मजा

By मेघना वर्मा | Updated: February 26, 2018 12:58 IST

Best Places to Celebrate Holi Festival in India: उत्तर भारत की तरह ही दक्षिण भारत में भी जोरों-शोरों से होली खेली जाती है। यहां देश-दुनिया से आये टूरिस्ट मिल कर होली खेलते हैं।

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होली की तैयारियों में पूरा देश व्यस्त है। कहीं पापड़ बन रहे हैं तो कहीं गुझिया। होली में पूरा भारत रंग-बिरंगे रंगों में सराबोर होता है। देश के अलग-अलग क्षेत्र में होली के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं। आपके आसपास होली कैसे मनाई जाती है यह तो आप जानते ही होंगे लेकिन आपके अपने राज्य के अलावा देश के अन्य राज्यों में होली पर क्या खास होता, यह हम आपको बताएंगे। हम यहां देश के 10 ऐसे राज्यों की बात करने जा रहे हैं जहां होली का अलग ही रंग देखने को मिलता है। आपको मौका मिले तो इस होली यहां जाएं और एक अलग अंदाज में रंगों के त्योहार को सेलिब्रेट करें।

1. वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में होती है फूलों की होली

वृंदावन के बांके बिहारी लाल मंदिर में होली के लिए एक अलग ही जूनून और उत्साह देखने को मिलता है। यहां के लोग रंगों के साथ नए मौसम या हिंदी महीने के नए साल का आगाज करते हैं। वसंत पंचमी के बाद पड़ने वाला यह त्योहार बड़ें पैमाने पर मनाया जाता है। जिसमें शामिल सभी लोग ना सिर्फ रंगों से सराबोर होते हैं बल्कि होली के धुनों पर थिरकते भी रहते हैं। होली से पहले पड़ने वाली एकादशी पर यहां फूलों की होली खेली जाती है। इसके साथ मथुरा में ख़ास विधवाओं के लिए होली के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिसमें सभी विधवाएं श्रीकृष्ण के लिए रंग खेलती हैं। 

2. बरसाने में लट्ठमार होली

अक्षय कुमार स्टारर फिल्म "टॉयलेट-एक प्रेम कथा" में बरसाने की होली का दृश दिखाया गया है। लट्ठमार होली की बात करें तो ये सदियों से बरसाना में खेली जा रही है। मथुरा के पास बसे इस छोटे से गांव बरसाना में महिलाएं लट्ठ से आदमियों को बताया जाता है। बरसाना की इस होली भले ही छोटे से क्षेत्र में होती है लेकिन यह पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।

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3. कलकत्ता में होता है वसंतोत्सव

कलकत्ता के सबसे पुरानी युनिवर्सिटी शांति निकेतन में रविन्द्रनाथ टैगोर के समय से ये वसंतोत्सव मनाया जाता आ रहा है। इसी के चलते आज भी यहां के युवा इस महोत्सव को बड़े धूम-धाम से मानते हैं। होली वाले दिन यहां के लोग रंग-बिरंगे और पारंपरिक कपड़े में रहते हैं और एक-दूसरे को अबीर-गुलाल से रंगते हैं। 

4. दिल्ली में होती हैं क्रेजी होली

बच्चों की तरह रंग देख के बड़े भी यहां बहुत उत्साहित हो जाते हैं। होली पर होने वाला सबसे अच्छा फेस्टिवल "होली काऊ" दिल्ली में ही होता है। इस फेस्ट में देश भर में संगीत के अलग-अलग कलाकार यहां आते है और लगभग पूरी डेल्ही उनके धुनों पर झूमती है और एक-दूसरे को रंग लगाती है। अगर आपको होली पर कुछ अलग और नया अनुभव लेना है तो इस होली आप दिल्ली का रुख कर सकते हैं।

5. मणिपुर में होती है 6 दिन की होली

फाल्गुन की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली होली मणिपुर में 6 दिन की होती है। इस होली महोत्सव में फोक कलाकार अपने हुनर को दर्शाते हैं और पूरा गुलाल के रंगों में रंगा रहता है। 6 दिनों के इस महोत्सव में पूरा शहर अलग ही उमंग और मस्ती में दिखता है।

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6. पंजाब में होता है होल्ला-महल्ला

पंजाब में होली का अपना ही अलग रंग देखने को मिलता है। प्राचीन समय से ही पंजाब के लोग प्रत्येक वर्ष होली पर "होल्ला-महल्ला" मनाते हैं। जिसमें एम् मेले का आयोजन किया जाता है और उसमें घुड़सवारी, तलवारबाजी, ट्रक रेस, आदि पारंपरिक खेलों को शामिल किया जाता है। इसके बाद शुरू होता है स्वादिष्ट व्यंजनों का सिलसिला और हलवा, पूड़ी, गुझिया और मालपुआ के साथ बहुत से व्यंजन खाए जाते हैं।

7. साउथ में भी दीखते हैं होली के रंग

वैसे तो होली के चटख रंग सिर्फ उत्तर भारत में ही देखने को मिलते हैं लेकिन बड़ी संख्या में उत्तर भारत के लोग दक्षिण में पाए जाते हैं जिसके चलते साउथ में भी होली का रंग देखने को मिलता है। साउथ के हम्पी शहर में देश-दुनिया से आये टूरिस्ट और वहां रह रहे उत्तर भारत के लोग मिल कर होली खेलते हैं।

8. शाही अंदाज में होती है उदयपुर की होली

उदयपुर में खेली जाने वाली होली शाही अंदाज में खेली जाती है। होली के दिन मेवाड़ के राजा सभी मेहमानों का स्वागत करते हैं जिनमें देश-विदेश से आये पर्यटकों के साथ लोकल भी होते हैं। इसमें वहां के सभी लोग रॉयल या पारंपरिक वस्त्र में होते हैं। महल के बीचों-बीच पवित्र आग लगाई जाती है जिसे बुरी आत्मा का खात्मा करने के लिए जलाई जाती है। इसके साथ ही वहां मौजूद लोग नाचते हैं गाते हैं और होली का ये पवित्र त्योहार मनाया जाता है। 

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9. जयपुर की होलीपूरे भारत में वैसे तो हर जगह होली का ये त्योहार मनाया जाता है लेकिन सबसे अच्छी होली जयपुर की मानी जाती है। सिर्फ लोगों की वजह से ही नहीं बल्कि राजस्थान की सरकार इसमें बहुत हद तक मदद करती है।

पर्यटकों और लोकल लोगों के लिए खासा कोठी के गार्डन में विशाल होली महोत्सव का आयोजन किया जाता है। जिसमें डांस और गाने के साथ तरह-तरह के खेल होते हैं।

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