बैशाखी को 'वैसाखी' भी कहा जाता है। बैसाखी को भारत में कई कारणों से एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। किसानों के लिए फसल उत्सव के रूप में महत्वपूर्ण होने के अलावा, यह त्योहारसिख धर्म में खालसा पंथ के स्थापना दिवस के रूप में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा ज्योतिषीय कारणों से भी शुभ बैसाखी का महत्व है। बैसाखी का त्यौहार हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है। Read More
April 2022 Vrat Festivals List: अप्रैल में कई महत्वपूर्ण व्रत त्योहार आने वाले हैं। आइए देखते हैं अप्रैल माह में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों की लिस्ट- ...
आज का इतिहास: 13 अप्रैल का दिन इतिहास में कई घटनाओं के लिए हमेशा याद रहेगा। आज ही के दिन 1919 में अंग्रेज सैनिको ने जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण सभा कर रहे निहत्थे भारतीयों पर गोली चला कर सैकड़ों की जान ले ली थी। सात ही खालसा पंथ की भी स्थापना आज के ...
बैसाखी के दिन फसल पक कर तैयार होती है। चारों ओर खुशी का माहौल होता है। फसल पकने का ये पर्व असम में भी मनाया जाता है जहां इसे बिहू कहते हैं। वहीं बंगाल में भी इस पर्व को बैसाख कहते हैं। ...
बैसाखी पर्व को मनाने के पीछे दो खास वजहें हैं - पहला, इस दिन सिख धर्म के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी और दूसरा, किसान इस दिन को अपनी पकी हुई फसल के कटने की खुशी में मनाते हैं। इसलिए पंजाब में कई जगह इस अवसर पर मेले लगते ...