शिवसेना एक राजनीति दल है। यह मुख्यत महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी है। इसकी स्थापना 19 जून 1966 में प्रमुख राजनीतिक कार्टूनिस्ट बालासाहेब ठाकरे ने की थी। इस दल का प्रतीक चिह्न (लोगो) बाघ है। पूरे देश में शिव सेना को एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी दल के रूप में जाना जाता है। इस समय उद्धव ठाकरे प्रमुख हैं। इसका मुखपत्र सामना है। Read More
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राकांपा प्रमुख शरद पवार “जाणता राजा” (बुद्धिमान राजा) हैं क्योंकि महाराष्ट्र के लोगों ने उन्हें यह शीर्षक दिया है। एक पुरस्कार समारोह के दौरान यहां मीडिया समूह को दिये साक्षात्कार में शिवसेना नेता ने इस बात का भी खुल ...
महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि 17 वीं सदी के मराठा शासक के वंशज भोंसले के पास भाजपा के सामने घुटने टेकने के सिवा कोई विकल्प नहीं रह गया है। ...
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार दोनों युवा नेताओं की मुलाकात हुई है। माना जा रहा है कि राहुल ने आदित्य को मंत्री बनने पर शुभकामनाएं दीं और दोनों ने राज्य एवं राष्ट्रीय राजनीति से ...
मराठा सम्राट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना करने वाली एक पुस्तक पर उठे विवाद के बीच भोसले ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केवल शिवाजी महाराज को ही ‘जाणता राजा’ कहा जा सकता है। सतारा के पूर्व सासंद ने किसी का नाम लिये बगैर कहा, ‘‘ किसी को ‘जाणता ...
शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस ने किताब की आलोचना की और मोदी की तुलना शिवाजी महाराज से किए जाने को ‘अपमान’ बताया। शिवसेना ने संपादकीय में लिखा, ‘‘गुस्से की लहर मोदीजी के खिलाफ नहीं बल्कि किताब के खिलाफ है, यह अपने आप में ढोंग और चमचागिरी की हद है।’’ ...
मुखपत्र सामना के संपादकीय में शिवसेना ने भाजपा नेताओं को छत्रपति शिवाजी पर कुछ किताबें पढ़ने की सलाह दी और कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी 17वीं सदी के मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी से तुलना पसंद नहीं आई होगी। इसमें कहा गया कि महाराष् ...
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का बयान पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फड़नवीस की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी को ‘तिपहिया सरकार’ कहा था। भाजपा नेता ने शिवसेना की उसके वैचारिक विरोधी रहे कांग्रेस ...
प्रसाद ने कहा, ‘‘विपक्ष की एकजुटता का पर्दाफाश हो गया है क्योंकि सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रस और आप जैसे प्रमुख दल (कांग्रेस अंतरिम प्रमुख सोनिया गांधी द्वारा बुलायी गयी बैठक से) दूर रहे। यह प्रस्ताव ना तो देश हित में, ना ही रक्षा हित में हैं। यह उन अल् ...