समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
Lokniti-CSDS Post Poll Survey: बीजेपी ने महागठबंन के जातीय समीकरण को तहस-नहस कर दिया और महागठबंधन के कोर वोटर माने जा रहे जाट, यादव और दलितों में सेंध लगा ली। ...
बसपा और सपा दोनों ही दलों का मत प्रतिशत भी इस चुनाव में गिरा है. बसपा को 2.38 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं, जबकि 2014 के चुनाव में उसे 3.80, 2009 में 5.85, 2004 में 4.75, 1999 में 5.23, 1998 में 8.7, 1996 में 8.18 और 1991 के लोकसभा चुनाव में बसपा को 3.54 ...
लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में चुनावी मौसम अभी खत्म नहीं होगा क्योंकि राज्य के 11 विधायक लोकसभा चुनाव जीते हैं, जिसकी वजह से रिक्त विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होगा। कुल 13 विधायक लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी थे, जिनमें से 11 चुना ...
भाजपा के लिए प्रचंड बहुमत की बयार उत्तरप्रदेश में पिछले साल हुए तीन लोकसभा उपचुनावों में मिली हार के जख्म पर जीत का मरहम भी लगा गयी। भाजपा ने पिछले साल गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा सीटों के हुए उपचुनाव में मिली शिकस्त की भरपाई इस आम चुनाव में कर ...
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जहां सपा को 22.35 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा घटकर 17.96 फीसद ही रह गया। पिछली बार बसपा को 19.77 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे, जो इस बार घटकर 19.26 फीसद रह गये। ...
आम चुनाव में मोदी सरकार ने अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ राष्ट्रवाद, हिंदू गौरव और ‘नये भारत’ जैसे भावनात्मक मुद्दों को भी खूब भुनाया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इस साल के आम चुनाव में उसे 303 सीटें मिलने की सं ...
रवि किशन ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''जब आप देश के टुकड़े-टुकड़े की बात करते हैं, आप लोगों का भरोसा नहीं जीत सकते हैं। देशद्रोही होकर और देश के खिलाफ बोलकर, स्थापित सरकार को गाली देकर आप कभी नहीं जीत पाएंगे।'' ...
जब मोदी ने तीन राज्यों में हार के बाद राष्ट्रवाद और भाजपा ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का सहारा लिया तो विकास के मसले और मुल्क के गंभीर सरोकार नेपथ्य में थे. अब मोदी को लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी तथा बुनियादी ढांचे पर ध्यान देना ही होगा. अ ...