समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
समाजवादी पार्टी सहित समूचे विपक्ष ने महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर विधानसभा के 36 घंटे के विशेष सत्र का बहिष्कार किया था। लेकिन कल रात कांग्रेस विधायक अदिति सिंह, गुरुवार दोपहर बसपा विधायक मो असलम रायनी और उसके बाद सपा सदस्य शिवपाल यादव ब ...
जसवंत नगर सीट से सपा विधायक शिवपाल ने विधानसभा के विशेष सत्र में अपने संबोधन के बाद संवाददाताओं से बातचीत में एक सवाल पर कहा कि सपा आखिर क्यों उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की याचिका वापस लेने की बात कर रही है। ...
उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया। चुनाव अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि दिवाकर निर्धारित समय में अपना जाति प्रमाण पत्र और फॉर्म-बी जमा नहीं कर पाईं, इसलिए उनका नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया। ...
उत्तर प्रदेश में 12 सीटों पर उपचुनाव होने थे। लेकिन टूण्डला सीट पर उपचुनाव फिलहाल टल गया है। यह सीट भाजपा विधायक एसपी सिंह बघेल के आगरा से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। लेकिन लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान दिए गए जाति प्रमाणपत्र को लेकर उत्प ...
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रामगोविंद चौधरी ने रविवार को कहा कि शिवपाल सिंह यादव यदि अपने दल को भंग कर सपा में फिर शामिल हो जाते हैं तो सपा उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने को लेकर दायर याचिका वापस लेने ...
भाजपा उम्मीदवार मिमी मजूमदार ने त्रिपुरा में बधरघाट (अजा) विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में अपनी निकटवर्ती प्रतिद्वंद्वी माकपा उम्मीदवार बुल्टी बिस्वास को 5276 मतों के अंतर से हराया। ...
चुनाव आयोग के सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि बारिश के बावजूद मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और 51 प्रतिशत मतदान हुआ था। ...
पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक विचारक, दार्शनिक और राजनीतिक पार्टी भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक रहे हैं। वो एक समावेशी विचारधारा के समर्थक थे। जो एक मजबूत भारत का निर्माण करना चाहते थे। उनका राजनीति के अलावा साहित्य की तरफ भी काफी झुकाव था। ...