छापेमारी कर 21 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित निकाला, 450 से ज्यादा ऑर्केस्ट्रा सेंटरों को किया स्कैन, बांग्लादेशी पासपोर्ट और कई आपत्तिजनक दस्तावेज
By एस पी सिन्हा | Updated: May 2, 2026 16:40 IST2026-05-02T16:38:17+5:302026-05-02T16:40:43+5:30
सीवानः पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू हुए इस राज्यव्यापी अभियान में 450 से ज्यादा ऑर्केस्ट्रा सेंटरों को स्कैन किया जा रहा है।

सांकेतिक फोटो
सीवानःबिहार में ऑर्केस्ट्रा सेंटर के नाम पर नाबालिग लड़कियों का किए जा रहे शोषण के खिलाफ पुलिस ने मुहिम चला रखा है। इसी क्रम में सीवान जिले में पुलिस ने एक ऑर्केस्ट्रा सेंटर पर छापेमारी कर 21 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला है। सूत्रों के मुताबिक यहां नाच-गान की आड़ में लड़कियों से जबरन अश्लील डांस करवाया जाता था और धीरे-धीरे उन्हें देहव्यापार के दलदल में धकेला जाता था।
यह कार्रवाई पचरुखी बाजार में हुई, जहां से लड़कियों को बरामद किया गया। पुलिस ने इसे ऑपरेशन रेड लाइट पैटर्न पर चल रहे नेटवर्क का हिस्सा बताया है। बता दें कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू हुए इस राज्यव्यापी अभियान में 450 से ज्यादा ऑर्केस्ट्रा सेंटरों को स्कैन किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट में कई एजेंट और लोकल सिंडिकेट सक्रिय थे। पुलिस ने एक महिला एजेंट को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर लड़कियों की खरीद-फरोख्त में शामिल थी। वहीं, एक डॉक्टर नवीन के क्लीनिक पर भी छापेमारी की गई, जो अब फरार बताया जा रहा है।
आरोप है कि यह डॉक्टर और उसका नेटवर्क नाबालिग लड़कियों के बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त तक में शामिल था, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ ऑर्केस्ट्रा सेंटर पूरी तरह रेड लाइट एरिया मॉडल पर काम कर रहे थे।
लड़कियों को बाहर से लाया जाता था, उनके कागजात बदल दिए जाते थे और फिर उन्हें काम के नाम पर शोषण की आग में झोंक दिया जाता था। कई जगहों से विदेशी कनेक्शन भी सामने आ रहे हैं, जहां बांग्लादेशी युवती के फर्जी पहचान से काम करने की पुष्टि हुई है।
इसके साथ ही सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र में भी छापेमारी के दौरान 3 नाबालिग लड़कियों समेत एक बांग्लादेशी युवती को बरामद किया गया है। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है। मौके से बांग्लादेशी पासपोर्ट और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं।
डीएसपी नरेश पासवान के नेतृत्व में चल रही इस कार्रवाई में पुलिस ने साफ किया है कि यह सिर्फ कुछ सेंटरों की नहीं, बल्कि एक संगठित ‘क्राइम सिंडिकेट’ की कहानी है, जो ऑर्केस्ट्रा के नाम पर चलाया जा रहा था। उधर, किशनगंज में भी प्रेमनगर रेड लाइट एरिया में बड़ी रेड हुई, जहां 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें 5 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं।
संचालिका मनु आरा को मौके से दबोचा गया, जबकि कई एजेंट फरार हो गए। एसएसपी विनीत कुमार ने साफ कहा है कि ऑर्केस्ट्रा की आड़ में देहव्यापार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी इस काले कारोबार में शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे राज्य में ऑर्केस्ट्रा सेंटरों की जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह अभियान अब एक बड़े एंटी ट्रैफिकिंग ऑपरेशन में बदल चुका है, जिसमें हर जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है।अब सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई इस पूरे नेटवर्क की जड़ें उखाड़ पाएगी, या फिर यह सिर्फ एक शुरुआती वार है किसी बड़े और गहरे सिस्टम के खिलाफ जिसका सच अभी सामने आना बाकी है।