नवरात्रि यानी 'नौ-रात'। हिन्दू धर्म में ये त्योहार वर्ष में चार बार आता है-चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ। चैत्र में चैत्र नवरात्रि और अश्विन में इस पर्व को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इन दो नवरात्रि से ठीक पहले गुप्त नवरात्रि आते हैं, जिन्हें गुप्त एवं तांत्रिक साधनाओं के लिए जाना जाता है। लेकिन हिन्दू परिवारों में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का महत्व है और इसे ही विशेष रूप से मनाया जाता है। Read More
हिन्दू पंचांग के अनुसार, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 07 अक्टूबर को सुबह 06:17 बजे से लेकर 07:07 बजे के बीच रहेगा। घटस्थापना में कलश स्थापना विधिनुसार की जाती है। ...
मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष कार्यों को नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि नवरात्रि के दौरान आपको कौनसे 9 कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ...
इस बार हिन्दू व्रत एवं त्योहारों की दृष्टि से अक्टूबर का महीना खास होने वाला है। दरअसल इस महीने नवरात्रि, दशहरा, और करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण व्रत त्योहार पड़ रहे हैं। ...
अष्टमी और नवमी तिथि पर मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कन्याओं को घरों में बुलाकर भोजन कराने का विशेष महात्म है। नवरात्रि में नौ कन्याओं को भोजन करवाना चाहिए क्योंकि 9 कन्याओं को देवी दुर्गा के 9 स्वरुपों का प्रतीक माना जाता है। ...
नवरात्रि का महीना हिन्दू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है. नवरात्रों में कन्या पूजन का सबसे ज्यादा महत्व होता है. महानवमी और महाअष्टमी के दिन भक्त कन्याओं का पूजन करते हैं. नवरात्रि में नौ दिन मां की उपासना करने के बाद लोग देवी स्वरूप छोटी कन्याओं को ...
मां कात्यायनी की पूजा गोधूली वेला के समय पीले या लाल वस्त्र धारण करके करनी चाहिए। मां कात्यायनी को पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें। इनको शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है। ...