इस मामले में उद्योग विशेषज्ञों की मानें तो इक्विटी फंड में तिमाही में शुद्ध प्रवाह में गिरावट कोविड-19 महामारी के कारण बाजार की अस्थिरता और अनिश्चित आर्थिक माहौल के कारण हो सकती है। ...
एसोसएिशन ऑफ म्यूचुअल फंड के आंकड़े के अनुसार मई के अंत में 44 फंड हाउस के फोलियो की संख्या बढ़कर 9,10,41,392 हो गयी जो अप्रैल में 9,04,28,589 थी। यह अप्रैल के मुकाबले 6.12 प्रतिशत अधिक है। आंकड़े के अनुसार मार्च में फोलियो की संख्या 8.97 करोड़, फरवरी ...
मई में सभी श्रेणी के म्यूचुअल फंड में कुल 70,813 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट हुआ हालांकि ये अप्रैल से अधिक है. कोविड-19 के कारण चलते अनिश्चित आर्थिक हालत की वजह से गिरावट आई है. ...
कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने अपनी छह ऋण योजनाओं को बंद करने का फैसला किया है। ...
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के अनुसार निश्चित आय वाली प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड ने फरवरी में लगभग 28,000 करोड़ रुपये की निकासी के मुकाबले मार्च में 1.95 लाख करोड़ रुपये इस तरह की प्रतिभूतियों से निकाले हैं। ...
म्यूचुअल फंड में निवेश करने के बारे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसमें दो तरीके से निवेश किया जा सकता है। पहला SIP और दूसरा एक मुश्त रकम का निवेश। SIP के लिए आपको बाजार में ज्यादा समय देने की जरूरत नहीं पड़ती। ...
म्यूचुअल फंड मैनेजरों और इनवेस्टमेंट एडवाइजरों के मुताबिक ऐसे वक्त में जब बाजार में काफी अप्स एंड डाउन चल रहे हैं तो म्यूचुअल फंड निवेशकों को चुनिंदा शेयरों खासतौर से मिड और स्मॉलकैप शेयरों में ही निवेश करना चाहिए। ...