मुंबई (पुराना नाम बॉम्बे) भारत के पश्चिमी छोर पर स्थित है। इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी माना जाता है। मुंबई के हॉर्बर वॉटर फ्रंट पर स्थित गेटवे ऑफ इंडिया पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है जिसे 1924 में ब्रिटिश शासनकाल में बनाया गया था। यहां एलिफैंटा की गुफाएं हैं। यह शहर सबसे ज्यादा चर्चित यहां की बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की वजह से रहता है। इसका कुल क्षेत्रफल 603.4 स्क्वॉयर किमी है। 2011 की जनगणना के मुताबिक यहां की जनता 1.84 करोड़ है। Read More
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए मंडी के सांसद राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि हिमाचल की बेटी कंगना रनौत के साथ महाराष्ट्र में पिछले दिनों जो व्यवहार हुआ उसकी भर्त्सना की जानी चाहिए। ...
निचले सदन में संक्षिप्त चर्चा के बाद संसद सदस्य वेतन, भत्ता एवं पेशन संशोधन विधेयक 2020 को धवनिमत से मंजूरी दे दी गयी। यह विधेयक इससे संबंधित संसद सदस्य वेतन, भत्ता एवं पेशन अध्यादेश 2020 के स्थान पर लाया गया है। ...
कोल्हापुर जिला क्रिकेट संघ के पूर्व पदाधिकारी रमेश कदम ने बताया, ‘‘उनका (पाटिल का) कोल्हापुर की रुईकर कॉलोनी में अपने आवास पर मंगलवार तड़के सोते हुए निधन हो गया। ’’ ...
शिवसेना ने ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में लिखा है कि पिछले पांच से छह वर्षों से सोशल मीडिया पर ‘गॉसिप’ (गपशप) के नाम पर अपमानजनक टिप्पणी की जा रही है और इस पर कोई अंकुश नहीं है। शिवसेना ने कहा कि महाराष्ट्र और मराठी ऐसी स्थिति पिछले कुछ दिनों स ...
अधिकारी ने बताया कि अपराध खुफिया इकाई ने 29 अगस्त को मलाड से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था और उससे की गई पूछताछ में मर्वे रोड पर स्थित इजमिमा मार्केट की इमारत और सेज प्लाजा से संचालित होने वाले कॉल सेंटर गिरोह का पता चला। ...
ब्यूरो अभी तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुका है। इल छह आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह आनंद, ड्वायने फर्नांडिस, संकेत पटेल, अंकुश अंरेजा, संदीप गुप्ता और आफताब फतेह अंसारी के रूप में हुई है। ...
परब की यह टिप्पणी कंगना के मुंबई से अपने गृह प्रदेश हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना होने और ट्वीट करने के घंटों बाद आयी। कंगना ने ट्वीट कर कहा था कि वह लगातार हो रहे हमले और उत्पीड़न से भयभीत हैं और मुंबई की तुलना पीओके से ‘धमाकेदार’ थी। ...
कंगना रनौत पिछले हफ्ते अपने हिमाचल प्रदेश के मनाली से कुछ दिनों के लिए मुंबई लौटी थीं और उसी दिन शिवसेना के शासन वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने उनके दफ्तर में ‘‘अवैध’’ निर्माण को गिराया था। इसके बाद उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया थ ...