विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिये यह अभी तक किसी भी विकासशील देश द्वारा घोषित सबसे बड़ा आर्थिक राहत पैकेज है। ...
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह अध्यक्ष बिल गेट्स ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि वैश्विक प्रयासों में योगदान करने की भारत की इच्छा और क्षमता को देखते हुए, यह महत्वपूर्ण है कि महामारी को लेकर प्रति ...
इस बीच सरकार ने ‘लॉकडाउन’ के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने के लिये घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के दूसरे चरण में प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज, किसानों को सस्ता कर्ज और रेहड़ी पटरी वालों को कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराने के लिये 3.16 लाख कर ...
सीतारमण ने यहां पैकेज की जानकारी देते हुए कहा कि 25 मार्च को बंद की घोषणा के बाद कार्यस्थल छोड़ने को मजबूर होने वाले आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों को दो महीने तक हर माह प्रति व्यक्ति पांच किलो अनाज और प्रति परिवार एक किलो दाल (चना) मुफ्त मिलेगा। ...
केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग आयोजन में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोगों तक डिजिटल पेमेंट, ग्रामीण ई-स्टोर, जैसी सेवाएं प्रदान करने में कॉमन सर्विसेज सेंटर (सीएससी) आगे रहा है। ...
कोविड -19 के बीच जीवन की तैयारी करते हुए मंत्रालय ने कहा कि ये कदम इसलिए उठाये जा रहे हैं क्योंकि वायरस के कारण कई मंत्रालयों के लिए आपस में दूरी बनाकर चलने के लिए घर से कामकाज जरूरी बन गया है। ...
कर्मचारियों को जेबों में अधिक पैसा डालने और नियोक्ताओं को पीएफ (भविष्य निधि) बकाया के भुगतान में राहत देने के लिये यह कदम उठाया गया है। इससे दोनों को कुल 6,750 करोड़ रुपये की नकदी सुलभ होगी। ...