आपको बता दें कि पूर्वोत्तर में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के कानून बनने पर विरोध के चलते बिगड़ती कानून और व्यवस्था की स्थिति बनाय रखने के लिए प्रशासन हरसंभव कोशिश कर रहा है। मेघालय में हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। ...
शाह ने कहा कि वह असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनकी संस्कृति, भाषा, सामाजिक पहचान और राजनीतिक अधिकार इस बिल से प्रभावित नहीं होंगे। ...
राज्यपाल इस ट्वीट के जरिए परोक्ष रूप से नए नागरिकता कानून का समर्थन कर रहे थे। उन्होंने कहा, “विवाद के वर्तमान माहौल में दो बातों को कभी नहीं भूलना चाहिए - 1. देश को कभी धर्म के नाम पर विभाजित किया गया था। 2. लोकतंत्र अनिवार्य रूप से विभाजनकारी है। अ ...
उल्लेखनीय है कि अधिनियम के मुताबिक अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा व उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी ...
असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू के बावजूद नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों से संयम बरतने और कानून अपने हाथ में नहीं लेने की बृहस्पतिवार को अपील की। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से उकसा ...
मुख्यमंत्री ने दिन में पश्चिमी मेघालय का दौरा किया था। गुवाहाटी के बाहरी इलाके में स्थित हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए उन्होंने अलग रास्ते का इस्तेमाल किया, लेकिन उनके कैबिनेट सहयोगी हिंसा प्रभावित गुवाहाटी में फंस गए थे। ...